बटेश्वर। तीर्थ धाम बटेश्वर के मई गांव स्थित बाबा बटेश्वरी जय दुर्गे मां आश्रम धाम पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन शुक्रवार को काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा वाचिका रुचि शास्त्री ने ध्रुव चरित्र का वर्णन किया।
भजनों पर पंडाल में बैठे श्रद्धालु झूमने पर मजबूर हो गए। कथा पंडाल जय श्री कृष्णा और जय दुर्गे मां के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। कथा आयोजक बाबा भारती ने सभी क्षेत्रीय वासियों श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने की अपील की है।
भागवत कथा सिखाती है जीवन जीने की कला
बाह। पथवारी माता मंदिर बाह पर शुक्रवार को भागवत कथा का प्रवचन करते हुए बाल विदुषी राधा शास्त्री ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की कला सिखाने का महासागर है। सुदामा घोर दरिद्रता में भी भगवान कृष्ण की भक्ति में लीन और संतुष्ट रहते थे। इससे सीख मिलती है कि सच्ची खुशी बाहरी धन-दौलत से नहीं, बल्कि मन के संतोष से मिलती है। परीक्षित महंत रामदास महाराज ने तनाव, भटकाव और चिंता से दूर रहने के लिए भगवान का भजन एवं सतसंग का आह्वान किया।