भगवान टाकीज के नजदीक स्थित जय हास्पिटल को बम से उड़ाने की धमकी के मामले की जांच के लिए बुधवार को रक्षा एजेंसियां भी पहुंची। एसएसपी शलभ माथुर ने हरीपर्वत थाने पहुंचकर जानकारी हासिल की। हास्पिटल के गेट पर पुलिस पिकेट तैनात कर दी गई है। हास्पिटल में भेजे गए पत्र को जांच के लिए भेजा गया है। वहीं सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए व्यक्ति के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।
बता दें, सेक्टर छह, सिकंदरा निवासी डा. मानवेेंद्र शर्मा का जय हास्पिटल है। मंगलवार की दोपहर को हास्पिटल में धमकी भरा पत्र आया। पत्र एक व्यक्ति देकर गया था, जो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। चूंकि इस अस्पताल में 17 सितंबर 2011 को बम विस्फोट हो चुका है। इसके चलते पुलिस अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया। बुधवार की सुबह आईबी, एटीएस समेत अन्य रक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने अस्पताल में संचालक से जानकारी ली। थाने पहुंचकर पत्र को भी देखा। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ चौथ वसूली का मुकदमा दर्ज किया गया है।
रक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पत्र भेजने वाला कोई स्थानीय व्यक्ति है। उसे शहर में हुई बम की घटनाओं की जानकारी है, लेकिन उसने जय हास्पिटल में टिफिन बम रखे जाने की बात कही है, जबकि यहां रखा गया बम टिफिन बम नहीं था। धमकी भरे पत्र को डीकोड भी कराया जा रहा है। अस्पताल के बाहर वाहनों की पार्किंग में भी लगातार चेकिंग की जा रही है। एसएसपी का कहना है कि अभी तक जांच में ये स्पष्ट नहीं हुआ है कि पत्र आतंकी संगठन की ओर से भेजा गया है, या फिर किसी की शरारत है। छानबीन की जा रही है। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज हासिल कर ली गई है।
जय हास्पिटल ही क्यों?
शहर में कई छोटे-बड़े अस्पताल हैं, लेकिन पूर्व में विस्फोट जय हास्पिटल में हुआ था। इस दफा भी जय हास्पिटल में ही धमकी भरा पत्र आया है। पुलिस इसकी गहराई से जांच कर रही है। क्या कारण है कि जय हास्पिटल को ही आतंकी निशाना बनाना चाहते हैं। इसके पीछे कोई गहरी साजिश तो नहीं है। एसएसपी का कहना है कि जांच के लिए स्पेशल टीम का गठन किया गया है।
फोटो: जय हास्पिटल पर तैनात पुलिस बल।