मंजीरे, मृदंग और झांझ के साथ संकीर्तन करते हुए भक्तगणों ने सोमवार को बल्केश्वर महादेव मंदिर से श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा निकाली। भक्तों ने कोविड प्रोटोकॉल के नियमों का पालन करते हुए सांकेतिक रूप से रथयात्रा निकाली। श्रीहरि संग बहन सुभद्रा व भाई बलराम के विग्रह स्वरूपों का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं ने स्वागत किया।
रथयात्रा में इस बार कोविड के कारण प्रतिवर्ष की तरह बेशक हजारों श्रद्धालु नहीं थे लेकिन लेकिन श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति-भाव का वही सैलाब था। बल्केश्वर महादेव मंदिर में श्रीहरि को श्रीफल समर्पित करके भक्तों ने सांकेतिक रथयात्रा की शुरुआत की। जिस क्षेत्र से श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा गुजरी, दर्शन को भक्तजन अपने घरों से बाहर निकल आए। कुछ देर शामिल हुए और कोविड के नियमों का पालन करते हुए अलग हो गए। रथयात्रा कमला नगर का भ्रमण करके रश्मि नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर पर पहुंचकर समाप्त हुई। रथयात्रा के पहुंचने पर मंदिर के अध्यक्ष अरविंद स्वरूप महाराज ने शंखनाद कर श्रीहरि की आरती कर विग्रह स्वरूपों को मंदिर में विराजमान किया।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर शैलेंद्र अग्रवाल, राहुल बंसल, विमल नयन फतेहपुरिया, अखिल बंसल, ओमप्रकाश अग्रवाल, अमित बंसल, विकास बंसल, आशु मित्तल, हर्ष खटाना, राजीव मल्होत्रा, अनिलचंद्र अग्रवाल, अनिल गुप्ता, गोपाल नारायण, ललित, माधव प्रभु, राजीव गुप्ता, रमेश यादव आदि उपस्थित रहे।
खिचड़ी भोग का हुआ भंडारा
श्रीजगन्नाथ के प्रिय व्यंजनों में से एक खिचड़ी का भोग लगाया गया। जगन्नाथ मंदिर में भक्तों को खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। मंदिर में फूलबंगला का आयोजन किया गया।
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