मैनपुरी। शहर से लेकर गांव तक बड़ी संख्या में एक्सरे सेंटर और पैथोलॉजी बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं। अमर उजाला ने 23 जून के अंक में खबर प्रकाशित की तो जिम्मेदारों की नींद टूटी। मंगलवार को 15 अवैध एक्सरे सेंटर और पैथोलॉजी सील कर दिए गए। छह संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
जिले में सौ से अधिक एक्सरे सेंटर का संचालन किया जा रहा जबकि स्वास्थ्य विभाग में मात्र तीन का ही पंजीकरण है। अमर उजाला ने सो रहे जिम्मेदार धड़ल्ले से चल रहा अवैध एक्सरे सेंटर का कारोबार शीर्षक से सोमवार को खबर प्रकाशित की तो जिम्मेदारों को अपनी जिम्मेदारी की याद आई। मंगलवार को सीएमओ डाॅ. आरसी गुप्ता ने कार्रवाई के निर्देश दिए। झोलाछाप के नोडल अधिकारी डाॅ. आशुतोष और पंजीकरण के नोडल अधिकारी डाॅ. सुरेंद्र सिंह ने नगर के कचहरी रोड पर छापामार कार्रवाई शुरू की।
टीम की देखते ही एक्सरे सेंटर संचालकों में खलबली मच गई। टीम ने जिला अस्पताल के सामने संचालित दुकानों का निरीक्षण कर पंजीकरण और डाक्टर्स डिग्री सहित अन्य अभिलेखों की जांच की तो इसमें 21 संचालक अभिलेख नहीं दिखा सके। बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे 15 एक्सरे, पैथोलाजी सेंटर और क्लीनिक सील कर दिए गए। इसके अलावा छह संचालकों को नोटिस देकर एक सप्ताह के अंदर सीएमओ कार्यालय पहुंचकर अभिलेखों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
कचहरी रोड पर शिवशक्ति डिजिटल एक्सरे, वैष्णवी मेडिक्लीनिक, मैक्स पैथोलाजी, जीवीएन एक्सरे, आदर्श पैथोलाजी, न्यू सिटी जांच केंद्र, रेनबो डायग्नोस्टिक एंड एक्सरे सेंटर, आरके हास्पिटल और नवजीवन हास्पिटल बिना चिकित्सक के चलने पर ओटी व पैथोलाजी, लाइफ केयर डायग्नोस्टिक, डा. हनीफ खां एक्सरे सेंटर, अवस्थी डेंटल क्लीनिक, राज क्लीनिक, मां अंजनी क्लीनिक, एकता एक्सरे सहित एक अन्य एक्सरे सेंटर को सील कर दिया गया। इसके अलावा ओमश्री एक्सरे सेंटर, फ्रेंड्स पैथोलाजी, मैनपुरी जांच केंद्र, हंस पैथोलाजी सेंटर, जय बालाजी एक्सरे सेंटर और साधना लैब के संचालक को नोटिस देकर एक सप्ताह के अंदर अभिलेखों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।