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... तो अफसरों को दबाव में लेना चाहते हैं भाजपा नेता

Mon, 24 Apr 2017 01:26 AM IST
... तो अफसरों को दबाव में लेना चाहते हैं भाजपा नेता
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पु‌ल‌िस - फोटो : demo
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फतेहपुर सीकरी और सदर बाजार थाना पर भाजपाइयों और हिंदू संगठनों के हमले के पीछे कई कहानियां चल रही हैं। खुुफिया पुलिस को यह मालूम करने में लगाया गया है कि आखिर अपनी सरकार में इनके हमलावर होने की क्या वजह है? इससे पहले भी ये लोग कई बार बवाल कर चुके हैं।
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अभी तक की जांच में यह जानकारी सामने आई है कि भाजपा और हिंदू संगठनों के नेता अफसरों को दबाव में लेना चाहते हैं। इसके पीछे उनकी मंशा अपनी हर बात मनवाने की है। पुलिस सूत्रों की मानें तो कुछ बातें मानी जा चुकी हैं लेकिन कई पर अफसरों ने सख्त रवैया अपनाया और साफ इंकार कर दिया। इसी से इनका पारा चढ़ा हुआ है।
इन लोगों ने सरकार बनते ही सबसे पहले सीओ असीम चौधरी का तबादला कराया। वे सीओ सदर के पद पर थे। उन पर आरोप लगाया हिंदू संगठनों के नेताओं पर केस दर्ज करने का। उन्हें पीएसी में भिजवा दिया गया। यह कार्रवाई शासन के स्तर से हुई तो उनका हौसला बढ़ गया। पुलिस सूत्रों की मानें तो भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने हाल ही में एक इंस्पेक्टर का दूसरे जनपद में किया गया तबादला रुकवा दिया।
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अफसरों पर कई दरोगा और सिपाहियों का ट्रांसफर रुकवाने के लिए भी दबाव बनाया गया लेकिन इसे उन्होंने नहीं माना। पुलिस सूत्रों की मानें तो भाजपा नेताओं के कहने पर सीकरी, एत्माद्दौला और सदर में मारपीट के मामलों के आरोपी पुलिस ने नहीं छोड़े। इससे नेता नाराज हो गए।
ताकत दिखाने की चल रही प्रतिस्पर्द्धा
आगरा। जनपद में दोनों सांसद भाजपा के हैं। नौ विधायक  भी भाजपा के हैं। पड़ोस के जिले फिरोजाबाद से जीतकर मंत्री बने एसपी सिंह बघेल भी ताजनगरी में ही ज्यादा सक्रिय नजर आ रहे हैं। भाजपा सूत्रों की मानें तो इन नेताओं में खुद को ज्यादा ताकतवर दिखाने के लिए भी प्रतिस्पर्द्धा चल रही है। अफसर जिसकी जितनी ज्यादा सुनते हैं, काम कराने वालों भीड़ भी उतनी ही ज्यादा पहुंचती है उसके पास।

लाठीचार्ज से टूटी खुराफातियों की हिम्मत
आगरा। हिंदू संगठन के नेताओं पर संगीन से संगीन धाराओं में पुलिस ने केस तो पहले भी दर्ज किए, लेकिन शनिवार जितनी लाठी पहले कभी नहीं बरसाई। सपा के शासन के दौरान भी तीन-चार बार लाठी चलने की नौबत तो आई थी लेकिन इस तरह दौड़ा-दौड़ाकर नहीं पीटा गया था। माना जा रहा है कि इसी लाठीचार्ज ने बार बार खुराफात कर रहे लोगों की हिम्मत तोड़ दी। पुलिस को आशंका थी कि रविवार को भी बवाल होगा। लेकिन ऐसा कुछ नहीं   हुआ ।
पुलिस और हिंदू संगठनों के बीच झड़प पहले भी कई बार हो चुकी है लेकिन न तो कभी प्रदर्शनकारी इतने उग्र हुए थे कि दरोगा की बाइक तक फूंक दी हो और न ही पुलिस ने कभी इतनी ज्यादा देर तक लाठी बरसाई थी। सीकरी और सदर बाजार में बलवाइयों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा गया। कई को चोटें लगी हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि छिपकर उपचार करा रहे हैं। गिरफ्तारी के डर से सामने नहीं     आए।
उधर, पुलिस को आशंका था कि रविवार को वे लोग फिर से बवाल करेंगे। इसी केचलते रेंज के अन्य तीन जिलों से फोर्स बुलाई गई थी। इसे जगह जगह तैनात भी किया गया लेकिन कोई हंगामा नहीं हुआ। माना जा रहा है कि यह लाठीचार्ज का ही असर रहा वरना मुकदमे तो पहले भी होते रहे हैं।
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