कासगज में रक्षाबंधन पर्व पर बारिश के दौरान बस के लिए रोडवेज बस स्टैंड पर भटकतीं यात्री।
कासगंज। जिले में 12 घंटे तक जमकर मेघा बरसे। इससे जलभराव से लोगों को दिक्कत हुई। पारा तीन डिग्री नीचे गिरने से लोगों को उमस से राहत मिल गई। मौसम विभाग ने रविवार को भी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिले में तीन दिन बाद अच्छी बारिश हुई। देर रात 2 बजे से बारिश का दौर शुरू हो गया। दिन निकलने पर भी बारिश होती रही। इससे सुबह के समय न्यूनतम पारा तीन डिग्री गिरकर 25 डिग्री पर रह गया। बारिश के चलते सोरों गेट क्षेत्र सहित कई इलाकों में पानी भर गया। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी। दोपहर 2 बजे तक लगातार बारिश होती रही। इससे अधिकतम पारा भी तीन डिग्री नीचे आ गया। अधिकतम पारा 29 डिग्री रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग ने रविवार को भी बारिश, तेज हवा चलने का अलर्ट जारी किया है। तीर्थनगरी में सावन माह के अंतिम दिन पूर्णिमा पर सुबह तड़के से मौसम का मिजाज बदल गया। रात भर बादल छाए रहने के बाद शनिवार की सुबह गरज के साथ बारिश होने लगी। इससे मौसम सुहावना हो गया। बारिश के चलते चक्रतीर्थ, बारु, चौंसठ, चौदहपोर में जलभराव की स्थिति बन गईद्ध जिससे रक्षाबंधन पर्व पर लोगों को आवागमन में काफी दिक्कत हुईं। बारिश में युवाओं और बच्चों ने जमकर मस्ती की। वही त्योहार पर बारिश की वजह से विद्युत आपूर्ति बाधित रही। नाथपुर गांव में तेज बारिश के चलते एक पुराना मकान भरभरा कर गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के सभी सदस्य दूसरे मकान में थे।मकान मालिक धीरज कुछ देर पहले ही मकान से निकल कर दूसरे मकान में चला गया। मकान के तीन कमरे पूरी तरह धराशायी हो गए, केवल बरामदा सुरक्षित रह गया। हादसे में चारपाई और अन्य घरेलू सामान मलबे में दब गए। मकान में मवेशी बंधे हुए थे। आवाज सुनकर परिजन और ग्रामीण एकत्रित हो गए और पशुओं को बाहर निकाला। सूचना पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर क्षति का आंकलन किया।