11एमएनपी-44-आगरा रोड स्थित खानकाहे रशीदिया पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते अतिथि
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मैनपुरी। शहर के आगरा रोड स्थित खानकाह-ए-रशीदिया में मंगलवार की रात रहमते आलम कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। मौलाना सैय्यद मुजाहिद अशरफ अशरफी जिलानी ने बताया कि इस्लाम का आतंकवाद से कोई लेना देना नहीं। सरकारों को आतंकियों के साथ सख्त से सख्त रवैया अपनाकर इसका खात्मा करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि जब पैगंबरे इस्लाम दुनिया में तशरीफ लाए तो बेटियों की हत्या कर दी जाती थी। जब वे मक्का में पहुंचे तो उन्होंने सबसे पहले बेटी बचाओ और भ्रूण हत्या रोकने का काम किया।
उन्होंने सती प्रथा जैसी कुप्रथाओं को खत्म किया। इस्लाम बहुत ही सच्चा और मानवता से भरा हुआ धर्म है। इस्लाम का आतंकवाद से कोई भी लेना देना नहीं है।
उन्होंने बताया कि हमारे पूर्वज बाबर नहीं हजरत ए ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती हैं। सलमान रजा अशरफी ने नात शरीफ पेश की। मौलाना सरवर रजा ने भी इस्लाम के संबंध में लोगों को जानकारी दी।
हाजी अब्दुल रहमान खान चिश्ती उर्फ बबलू मियां, अफाक मियां, आजाद , साकिब अनबर चिश्ती, मोहम्मद आमिर ,इरफान इलाही, आरिफ नूरी, समीर, छोटे , मोनिस आदि लोग शामिल रहे।