परिजनों ने बताया कि इशांत का पता नहीं चलने के कारण मां सुषमा जैन का रो-रोकर बुरा हाल है। वह हर दिन बेटे की राह तकती रहती हैं। उसके लौटने की आस में दरवाजे पर खड़ी रहती हैं। वहीं पिता अनिल जैन भी तनावग्रस्त हो गए हैं।
उन्हें डर है कि बेटे के साथ अपहरणकर्ता कुछ अनहोनी न कर दें। पुलिस के पास भी जाते हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलता है।