मैनपुरी। ईशन नदी को जीवंत करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा चलाई मुहिम कोरोना काल में धीमी पड़ गई थी। वहीं अब बारिश के बाद इसके लिए फिर प्रयास शुरू हो गए हैं। रविवार को जिला पंचायत राज अधिकारी ने नदी का जलस्तर और जलप्रवाह देखा।
छह माह पहले जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने ईशन नदी को पुनर्जीवित करने के लिए ‘हमार बचपन हमार नदी ईशन नदी’ अभियान की शुरूआत की थी।
इसके तहत नदी को साफ कराने के साथ ही कई जगह चेकडेम का निर्माण भी कराया गया। पंचायत राज विभाग ने जहां नदी की सफाई कराई थी। तो अन्य लोगों ने भी श्रमदान किया था। इसके साथ ही नहरों से जोड़कर नदी में पानी भी छोड़ा गया। इसी बीच कोरोना संक्रमण फैलने के चलते ये काम रुक गया। अब एक बार फिर इसके लिए जिला प्रशासन ने काम शुरू कर दिया है। नदी में बारिश और नहरों से आने वाले पानी से अब जलस्तर बढ़ने लगा है।
रविवार को जिला पंचायत राज अधिकारी स्वामीदीन ने मौके पर जाकर जलस्तर और प्रवाह देखा। उन्होंने रूपपुर भरतपुर, नगला सलेही, नगला बख्ती, नगला वंशी और विद्यापुर में नदी को देखा। शहर में नुमाइश पंडाल के पीछे रविवार को सुबह पानी पहुंच गया। यहां बने चेकडेम में पानी भरने के बाद पानी आगे बढ़ेगा। इसकी जानकारी डीपीआरओ ने जिलाधिकारी को भी दी। इस पर जिलाधिकारी ने पंचायत राज विभाग व नदी की सफाई में योगदान करने वाले लोगों को बधाई दी। डीपीआरओ स्वामीदीन ने बताया कि विभाग द्वारा खोदे गए चार रजबहों से भी नदी में पानी पहुंच रहा है। जल्द ही पूरी नदी पानी से लबालब होगी।
डीएम ने नदी में देखा जल स्तर
रविवार को ईशन नदी में पानी आने की सूचना पर जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने खटिकपुर और नुमाइश पंडाल स्थित चेकडेम पर जाकर जलस्तर देखा। उन्होंने अपने सामने जलस्तर की माप कराई तो कई जगह सात फीट तक पानी मिला। आसपास के गांव के लोगों से जिलाधिकारी ने नदी में न जाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल्द ही शहर से आगे की ओर नदी में पानी बढ़ेगा। निरीक्षण के दौरान प्रधान प्रतिनिधि शिवसिंहपुर राम अवतार सिंह यादव, एडीओ पंचायत प्रशांत कुमार उपस्थित रहे।
काक नदी के लिए जल्द होगी पहल
जिला पंचायत राज अधिकारी स्वामीदीन ने बताया कि ईशन नदी की सफाई के दौरान काक नदी सामने आई थी। ये नदी रूपपुर भरतपुर के पास ईशन में मिलती है। जल्द ही इसकी सफाई का काम भी शुरू कराया जाएगा।