इरादतनगर। कस्बा इरादतनगर के विद्युत उपकेंद्र से पोषित गांवों में बृहस्पतिवार देर रात आई तेज आंधी-तूफान के कारण बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी। गांव पनौता की भी विद्युत सप्लाई बाधित थी, जिसे ठीक करने के लिए एक संविदाकर्मी शुक्रवार को गांव गया था। परिजन का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों के कहने पर संविदाकर्मी शटडाउन लेकर पोल पर चढ़ा था, लेकिन लाइन ठीक करते समय अचानक उसमें करंट आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। आनन-फानन में ग्रामीण उसे शमशाबाद के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। संविदाकर्मी की माैत से गुस्साए परिजन ने देर रात इरादत नगर में जाम लगा दिया।
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के गांव भिड़ावली निवासी सत्यवीर कुशवाहा (संविदाकर्मी) काफी समय से इरादतनगर उपकेंद्र पर कार्यरत था। शुक्रवार को वह पनौता गांव में फाल्ट ठीक करने गया था, जहां लापरवाही के चलते करंट की चपेट में आने से उसकी जान चली गई। घटना के बाद जब इस मामले में जानकारी लेने के लिए एसडीओ शमशाबाद और जेई इरादतनगर को फोन किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।अधिकारियों के इस रवैये और साथी कर्मचारी की मौत से आक्रोशित होकर देर रात भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ विद्युत उपकेंद्र इरादतनगर पर जमा हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर बाहर मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही थाना इरादतनगर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग टस से मस नहीं हुए। देर रात हंगामा बढ़ने की सूचना पर एसडीएम खेरागढ़ ऋषि राव और एसडीओ शमशाबाद दिग्विजय नाथ तिवारी खुद मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों की मांग मानते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और मृतक के परिवार को सरकारी सहायता दिलाने का ठोस आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए और सड़क पर यातायात सुचारू हो सका। एसडीएम खेरागढ़ ऋषि राव ने बताया विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।