एटा। सोशल मीडिया पर जेलर के खिलाफ जेल के कर्मचारी ने मंगलवार को वीडियो वायरल किए थे। इस मामले में जेल प्रशासन और जिला प्रशासन की ओर से अलग-अलग जांच शुरू कर दी गई हैं। बुधवार को आगरा के जेल अधीक्षक ने पहुंचकर वीडियो वायरल करने वाले कर्मचारी के बयान दर्ज किए।
जेल के हेड वार्डर राजीव कुमार ने चार वीडियो सोशल मीडिया पर डाले थे। इसमें जेलर प्रदीप कश्यप पर उत्पीड़न करने और छुट्टी न देने सहित उनके चरित्र पर भी आरोप लगाए। वीडियो वायरल होने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप जैसी स्थिति मच गई। डीआईजी जेल आगरा पीएन पांडेय ने इसका संज्ञान लेते हुए समिति गठित कर दी। इसमें आगरा के जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा को जांच अधिकारी बनाया। बुधवार को वह एटा जिला कारागार में पहुंचे। जेल अधीक्षक अमित चौधरी ने बताया कि वीडियो वायरल करने वाला कर्मचारी आरोपों के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं दे सका। छुट्टी न देने के आरोप पर सभी रिकॉर्ड दिखाए, जिनके अनुसार उसे नियमानुसार छुट्टी दी गई हैं। यह कर्मचारी उद्दंड और अनुशासनहीन प्रवृत्ति का रहा है। इसको अपने सेवाकाल में अब तक 22 बार दंडित किया जा चुका है।
दूसरी ओर जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने भी वायरल व वीडियो और खबरों का संज्ञान लिया है। प्रकरण की जांच के लिए एडीएम प्रशासन सत्यप्रकाश एवं एएसडीएम राजकुमार मौर्य की संयुक्त जांच समिति गठित की है। जिला जेल पहुंचकर प्रकरण के समस्त पहलुओं पर जांच कर 10 दिन में रिपोर्ट मांगी है। एडीएम ने बताया कि आदेश मिल गया है, इसके बाद प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है।