आगरा में खनन माफिया से मिलीभगत में खेरागढ़ थाने के प्रभारी रहे इंस्पेक्टर जसवीर सिंह के खिलाफ भी जांच शुरू हो गई है। उनकी टीम के चार सिपाही और एक मुंशी के खिलाफ पहले ही विभागीय जांच के आदेश दिए जा चुके हैं।
चारों सिपाहियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। पुलिस की जांच में यह भी आया है कि खेरागढ़ निवासी फर्जी पत्रकार के माध्यम से पुलिसवाले माफिया के संपर्क में आए थे। फर्जी पत्रकार को आरोपी बनाने की तैयारी भी पुलिस ने कर ली है।
यह सारा भांडा तब फूटा जब धौलपुर के खनन माफिया के गुर्गे हेत सिंह की रविवार को गिरफ्तारी हुई। उससे पूछताछ में पता चला कि वो छह महीने पहले तक थाने को महीना दे रहा था। साथ ही प्रत्येक ट्रॉली के हिसाब से पैसा तय था।
गुर्गे ने बताए थे पुलिसकर्मियों के नाम
उसने कुछ सिपाहियों के नाम बताए। इनमें थाने की जीप के चालक सुरेंद्र, हेड कांस्टेबल अरविंद, कांस्टेबल रियाज और अतर सिंह हैं। इन चारों की भूमिका की जांच कराई गई। इसके बाद एसएसपी ने चारों को निलंबित कर दिया।
एसएसपी बबलू कुमार ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए। हेत सिंह के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई तो उसमें एक फर्जी पत्रकार का नंबर मिला। पुलिस ने कड़ी से कड़ी को जोड़ा तो पता चला कि उसके माध्यम से पुलिसवालों और माफिया के गुर्गों के बीच बात होती थी।
रिपोर्ट आने पर होगी कार्रवाई
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि इंस्पेक्टर ने अपनी जिम्मेदारी का ठीक से निर्वहन नहीं किया। उसका तबादला गैर जनपद हो चुका है। चार सिपाही, एक मुंशी और इंस्पेक्टर के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। इसकी रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
पुलिस पर गोली चलाई थी गुर्गों ने
घटना 18 अक्तूबर को हुई थी। खेरागढ़ के राजस्थान से सटे गांव रुधऊ में खनन माफिया के गुर्गों ने दो सिपाहियों पर फायरिंग कर दी थी। सिपाहियों ने बाइक से कूदकर अपनी जान बचाई थी। इसका केस दर्ज किया गया था। उस समय खेरागढ़ थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर जसवीर सिंह ही थे।
सैंया में भी निलंबित किया जा चुका है दरोगा
इससे पहले सैंया में पाया गया था कि दरोगा रेत से लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियों को थाने के सामने से ही जाने दे रहा था। इसकी शिकायत आने पर एसएसपी ने उसे निलंबित कर दिया था। आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने दो महीने पहले एसएसपी को पत्र लिखकर बताया था कि उनके पास यह शिकायत आई है कि अवैध खनन में पुलिसवालों की संलिप्तता है। एक वीडियो भी आईजी को मिला था।