मोदी लहर में ब्रज की आठ में से छह सीटों पर भाजपा प्रत्याशी विजयी हुए थे। स्थिति यह थी कि फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद और मैनपुरी सीट को छोड़कर आगरा, अलीगढ़, एटा, हाथरस व मथुरा में भाजपा प्रत्याशियों को सपा-बसपा दोनों के प्रत्याशियों से ज्यादा वोट मिले थे।
फिरोजाबाद और मैनपुरी लोकसभा सीट पर सपा प्रत्याशी जीते थे। हालांकि, इससे पहले 2009 के लोकसभा चुनाव में इन आठ जिलों में सिर्फ आगरा लोकसभा सीट ही भाजपा के खाते में थी। शेष सात में से दो (फतेहपुर सीकरी व अलीगढ़) पर बसपा, एक निर्दलीय (एटा), दो सपा (फिरोजाबाद व मैनपुरी) और दो (हाथरस व मथुरा) पर रालोद का कब्जा था।
भाजपा और रालोद ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। तब भाजपा ने हाथरस और मथुरा में अपने प्रत्याशी नहीं उतारे थे। सपा ने भी भाजपा से अलग होकर निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरे कल्याण सिंह के खिलाफ एटा में अपना प्रत्याशी नहीं खड़ा किया था।
सपा ने मथुरा में भी उम्मीदवार नहीं उतारा था। अगर, 2009 के लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा प्रत्याशियों को मिले वोट जोड़कर देखें तो भाजपा काफी पीछे नजर आती है। सिर्फ आगरा सीट पर भाजपा, बसपा से आगे थी।
इसके अलावा फतेहपुर सीकरी में बसपा व कांग्रेस, अलीगढ़ में बसपा, सपा, कांग्रेस, एटा में निर्दलीय व बसपा, फिरोजाबाद में सपा, बसपा, मैनपुरी में सपा व बसपा से पीछे थी।
2014 के लोकसभा चुनाव में मिले वोट
| सीट |
भाजपा को मिले वोट |
सपा व बसपा को मिले वोट |
| आगरा |
5,83,716 |
4,18,158 |
| फतेहपुर सीकरी |
4,26,589 |
4,66,880 |
| अलीगढ़ |
5,14,622 |
4,54,170 |
| एटा |
4,74,978 |
4,11,104 |
| फिरोजाबाद |
4,20,524 |
6,53,492 |
| हाथरस |
5,44,277 |
3,98,782 |
| मैनपुरी |
2,31,252 |
7,38,751 |
| मथुरा |
5,74,633 |
2,10,245 |
रालोद ने 2009 का लोकसभा चुनाव भाजपा के समर्थन से लड़ा था। तब मथुरा और हाथरस सीट पर उसे खूब वोट मिले थे। दोनों सीटों पर रालोद प्रत्याशी विजयी हुए थे।
मगर, 2014 के लोकसभा चुनाव में रालोद ने कांग्रेस से हाथ मिलाया। इसमें फतेहपुर सीकरी सीट पर रालोद ने चुनाव लड़ा था। तब रालोद प्रत्याशी अमर सिंह की जमानत जब्त हो गई थी। मथुरा में जयंत चौधरी दूसरे नंबर पर रहे थे।
यह गठबंधन एक नया इतिहास रचेगा। भाजपा प्रत्याशियों को अपनी जमानत तक बचाना मुश्किल होगा। प्रदेश में एक भी सीट पर भाजपा प्रत्याशी जीत का स्वाद नहीं चख सकेगा। पश्चिमी यूपी में सपा और बसपा प्रत्याशी जीत का परचम लहराएंगे।
रामजी लाल सुमन, राष्ट्रीय महासचिव, सपा
सपा-बसपा का गठबंधन भाजपा को जड़ से खत्म कर देगा। गठबंधन के धर्म को निभाते हुए प्रत्येक सपा कार्यकर्ता गठबंधन के प्रत्याशी को जिताने के लिए दिन-रात एक कर देगा। भाजपा सरकार की तानाशाही सरकार को उखाड़ फेंकने में अहम भूमिका निभाएगा यह गठबंधन।
रामसकल गुर्जर, पूर्व मंत्री, सपा नेता