बाह। अंतरराज्यीय गिरोह ने 5 साल में बासौनी, बाह, जैतपुर एवं पिनाहट क्षेत्र में चोरी की 6 वारदातों को अंजाम देकर एक करोड़ से ज्यादा का माल चोरी किया था। सोमवार देर रात बाह और बासौनी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में 2 बदमाश बागचीनी मुरैना के दौनारी गांव के संदीप उर्फ संजू गुर्जर एवं जौमर्दपुरा खेडा राठौर के विनोद गुर्जर को 2 तमंचे और कारतूस के साथ झाऊलाल पुरा गांव के पास से गिरफ्तार किया।
एसीपी पिनाहट अनिल कुमार ने बताया गिरोह का सरगना देवगढ़ मुरैना के खुलावली गांव के ऊधो उर्फ ऊदल, गोहद भिंड के कठमा गांव का परमाल गुर्जर टीम को गच्चा देकर भाग गया। टीम ने भागे बदमाशों का चंबल के बीहड़ तक पीछा किया, लेकिन अंधेरे का लाभ उठाकर बच निकले। उन्होंने बताया कि बदमाशों ने आगरा के अलावा मध्य प्रदेश के मुरैना, भिंड एवं राजस्थान के धौलपुर क्षेत्र में संगठित होकर अपराधों को अंजाम दिया है। बदमाशों के कब्जे से सोने के मंगलसूत्र, अंगूठी, झुमकी, चांदी के पायल, बिछिया, सिक्के एवं 32500 रुपये बरामद हुए हैं। बदमाशों ने पुलिस को बताया कि बरामद नकदी चोरी का माल बेचकर जुटाई थी। अपने शौक मौज एवं जरूरतें पूरी करने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं। एसीपी ने बताया गिरफ्तार बदमाशों को कोर्ट में पेश किया गया। अन्य बदमाशों तक पहुंचने के लिए पुलिस दोनों बदमाशों को रिमांड पर लेने का प्रयास करेगी।
जिले में इन वारदातों को दिया अंजाम-
31 जुलाई 2022: जैतपुर के गढ़ी प्रतापपुरा गांव के ब्रजराज सिंह के घर से लाखों के नकदी-जेवर चोरी।
19 अगस्त 2022: जैतपुर के रैपुरा दीक्षित गांव के रमन दीक्षित के घर से नकदी-जेवर चोरी।
28 सितंबर 2022: पिनाहट के लालपुरा गांव के रमाकांत के घर से नकदी-जेवर पर साफ किया हाथ।
13 अप्रैल 2026: बासौनी के उमरैठा गांव की रामकली के घर से सोने-चांदी के जेवर चोरी।
15 मई 2026: बासौनी के गुंगावली गांव में भाकियू नेता वीरेंद्र सिंह तोमर, शिव नरायन शर्मा, मोनी के घर से 50 लाख से ज्यादा के नकदी, जेवर एवं चांदी के सिक्के चोरी।
15 जून 2026: बाह के जरार कस्बे में सराफा कारोबारी अमरीश गुप्ता के घर से नकदी-जेवर की लूट, विरोध पर तमंचे के बट से सिर फोड़ा।
रेकी कर देते थे वारदातों को अंजाम
- गिरोह के दो सदस्यों ने पुलिस को बताया कि वारदात को अंजाम देने के लिए रेकी करते थे। रेकी के लिए अलग से नेटवर्क खड़ा किया था। जरार में सराफा कारोबारी अमरीश गुप्ता के घर की कई दिन तक रेकी की थी। छत पर चढ़ने का रास्ता खोजा था। घर के पास गली में आने जाने वालों के बारे में भी जानकारी जुटाई और वारदात को अंजाम दिया। जरार की तरह ही गुंगावली, गढ़ी प्रतापपुरा, उमरैठा में वारदातों को अंजाम दिया था।