सड़क हादसे में घायल को इलाज का बीमा कंपनी ने क्लेम नहीं दिया। ऐसे में पीड़ित की ओर से वाद दायर किया गया। इस पर जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग प्रथम ने पीड़ित के हक में फैसला सुनाया है।
आगरा में जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग प्रथम ने दि न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी और मेडी असिस्ट इंडिया कंपनी को एक महत्वपूर्ण आदेश दिया है। कंपनियों को पीड़ित को इलाज में खर्च हुए 1.95 लाख रुपये छह फीसदी ब्याज सहित अदा करने होंगे। इसके अतिरिक्त, मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय के 30 हजार रुपये भी देने होंगे।
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आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव कुमार ने बीमा कंपनियों को 45 दिन के भीतर भुगतान करने का आदेश दिया है। यह वाद मलपुरा निवासी संजीव कुमार जैन ने दायर किया था। उन्होंने बताया था कि एलआईसी कंपनी ने उनका बीमा दि न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से कराया, जिसकी अवधि एक सितंबर, 2018 से 31 अगस्त, 2019 तक थी। पांच मार्च को वह सड़क हादसे में घायल हो गए।
परिजन ने बीमा कंपनी को सूचित कर उनका निजी अस्पताल में इलाज कराया। अस्पताल से उन्हें 17 मार्च, 2019 को छुट्टी मिली। घर आने के बाद उन्होंने सभी दस्तावेज लगाकर क्लेम किया। कंपनी ने दस्तावेज पर धोखाधड़ी की टिप्पणी करते हुए 23 अक्तूबर, 2019 को क्लेम निरस्त कर दिया। एलआईसी में भी प्रार्थनापत्र देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई थी।