अनुदेशक से खाली कराया विद्यालय भवन, बाहर रखा सामान
- उच्च न्यायालय के आदेश पर एसडीएम और बीएसए ने की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
किशनी। उच्च प्राथमिक विद्यालय किशनी के परिसर में निवास कर रहे है अनुदेशक से बुधवार को भवन खाली करा लिया गया। उच्च न्यायालय के आदेश पर एसडीएम गोपाल शर्मा और बीएसए दीपिका गुप्ता की मौजूदगी में सामान निकालकर बाहर रखवा दिया गया। अनुदेशक ने गलत कार्रवाई किए जाने के आरोप लगाए हैं।
उच्च प्राथमिक विद्यालय किशनी के एक कक्ष में अनुदेशक जतिंद्र सिंह बीते कई सालों से परिवार के साथ निवास कर रहे थे। कस्बा के ही निवासी अशोक यादव कक्ष पर अनुदेशक के कब्जा करने की याचिका उच्च न्यायालय में दाखिली की थी। सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने एसडीएम किशनी को कब्जा खाली कराने के निर्देश दिए थे। एसडीएम किशनी की ओर से कई बार नोटिस देकर अनुदेशक को भवन खाली करने के लिए कहा गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
इसी के चलते बुधवार को एसडीएम गोपाल शर्मा, बीएसए दीपिका गुप्ता पुलिस बल के साथ विद्यालय पहुंचे। खंड शिक्षाधिकारी सुनील कुमार दुबे ने ताला तोड़कर अनुदेशक के सामान को बाहर रखवा दिया। इसके बाद लाइनमैन को बुलाकर कक्ष की बिजली भी कटवा दी गई। सामान को प्रधानाध्यापक की सुपुर्दगी में दिया गया है। एसडीएम ने बताया कि उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेश का पालन किया है। कई बार नोटिस के बाद विद्यालय भवन खाली न करने पर ये कार्रवाई की गई है।
अनुदेशक की पत्नी ने नकदी, जेवर गायब होने का लगाया आरोप
विद्यालय के कमरे को खाली कराए जाने की सूचना पर अनुदेशक जतिंद्र सिंह की पत्नी आशा देवी भी मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने प्रशासन पर जबरन ताला तोड़कर सामान बाहर निकालने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि उनके पति की तबीयत खराब है। बाहर रखे गए सामान से नकदी और जेवर गायब होने का भी उन्होंने आरोप लगाया। साथ ही ये भी कहा कि वे विद्यालय भवन में नहीं बल्कि शिक्षक संघ के भवन में रह रहे थे। ये भवन शिक्षकों ने चंदा करके बनवाया था। विद्यालय भवन पर कब्जा करने का आरोप निराधार है।