पीड़िता ने मां को बताई आपबीती
परिजनों के अनुसार 14 अक्तूबर को किशोरी ने यह बात अपनी मां को बताई। इस पर परिजन सन्न रह गए। पिता ने मुख्यमंत्री सहित राष्ट्रीय महिला आयोग, राज्य महिला आयोग और डीजीपी को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। यह भी कहा कि विवेचक की भूमिका पहले से ही संदिग्ध थी।
पीड़िता की मां ने बताया कि आरोपियों से सांठगांठ कर दरोगा सभी के नाम निकालना चाह रहे थे। किशोरी के बयान बदल दिए, हम लोगों के बयान नहीं लिख रहे। मजबूर होकर पीड़ित पक्ष ने कुछ दिन पहले ही डीआईजी को प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद दरोगा को विवेचना से हटा दिया गया।
सीओ सिटी राज कुमार ने बताया कि किशोरी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। अभी इस तरह का कोई शिकायती पत्र या पीड़िता आकर नहीं मिली है। शिकायत मिलती है तो निष्पक्षता से जांच कर कार्रवाई की जाएगी।