शहर के विकास में एक और कड़ी जुड़ने जा रही है। आज से इनररिंग रोड आम लोगों के लिए खुलने जा रहा है। मुख्यमंत्री अखिलेश द्वारा लोकार्पण करने के बाद इस पर वाहन फर्राटा भर सकते हैं। इसके शुरू होने से न सिर्फ पर्यटकों के लिए बल्कि शहरवासियों के लिए दिल्ली और नजदीक हो जाएगी। इनररिंग रोड को यमुना एक्सप्रेसवे से कनेक्ट कर दिया गया है।
इनररिंग रोड सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है। पहले चरण में यह एनएच दो स्थित कुबेरपुर से फतेहाबाद रोड के बीच विकसित की गई है। तीन मार्च 2014 को आगरा विकास प्राधिकरण ने इसे मूर्त रूप प्रदान करने के लिए काम शुरू किया था। यह प्रोजेक्ट तीन मार्च 2016 को पूरा होना था लेकिन कई जगह जमीन अधिग्रहण न हो पाने की वजह से इसके निर्माण में देरी हुई। लगभग 880 करोड़ की लागत से छह लेन एक्सप्रेस रोड बनकर तैयार हुई है। यमुना पुल और आगरा-टूंडला रेलवे ट्रैक पर आरओबी आठ लेन के बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव रविवार को इसका लोकार्पण करेंगे। इसके लिए शनिवार को एडीए सहित प्रशासनिक अमला दिनभर यहीं डटा रहा। रोड को चमकाने के लिए पानी से धोया गया है। रात में इस रोड पर दूधिया रंग की लाइटों के बीच इस पर सफर और भी सुहाना हो जाएगा।
नहीं लगेगा टोल
इनररिंग रोड पर आवागमन के लिए लोगों को टोल चुकाना होगा। मगर, फिलहाल कुछ दिन इसे टोल से मुक्त रखा गया है। हालांकि टोल प्लाजा का निर्माण कार्य भी अभी पूरा नहीं हुआ है। एडीए सचिव राजकुमार के अनुसार, इनररिंग रोड आज से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा, इस पर फिलहाल कोई टोल नहीं लगेगा।
जाम से मिलेगी मुक्ति
दिल्ली की तरफ से यमुना एक्सप्रेसवे होकर ताजमहल देखने आने वाले पर्यटकों को वाटर वर्क्स चौराहा पर जाम से जूझना पड़ता है। शायद ही ऐसा कोई दिन होगा, जिस दिन यहां भीषण जाम न लगता हो। पर्यटक घंटों फंसे रह जाते हैं। जितना समय उनको दिल्ली से वाटर वर्क्स पहुंचने में नहीं लगता, लगभग उतना समय उन्हें वाटर वर्क्स से ताजमहल तक पहुंचने में लग जाता है। मगर, इनररिंग रोड बनने के बाद उनकी इस समस्या का समाधान हो जाएगा। फतेहाबाद रोड होते हुए वे सीधे इनररिंग रोड और यहां से यमुना एक्सप्रेसवे होकर दिल्ली को आ-जा सकते हैं।
फतेहाबाद रोड की भी मरम्मत हुई
इनररिंग रोड पर ट्रैफिक के दबाव और सीएम के कार्यक्रम को देखते हुए फतेहाबाद रोड की भी मरम्मत कर दी गई है। हालांकि फिलहाल इसे चौड़ा तो नहीं किया गया है लेकिन कुछ हिस्से में डामर डालकर इसे नये सिरे से बनाया गया है। वहीं, शेष हिस्से में मरम्मत कर दी गई है।