घिरोर। गांव बम्होरी में एक आठ साल के मासूम की खेल खेल में जान चली गई। मां अपने तीन बच्चों को खाट पर बैठाकर नहाने गई थी। इस बीच 8 वर्षीय बेटे ने तार में गमछा डाल लिया और झूलने लगा। अचानक उसका सिर सामने दीवार में लगा और बेसुध होकर जमीन पर गिर गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद बालक को मृत घोषित कर दिया। हादसे में बालक की मौत के बाद परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
विकास खंड घिरोर क्षेत्र के गांव बम्होरी निवासी भूपेंद्र सिंह एयरपोर्ट पर नौकरी के चलते बाहर रहते हैं। बृहस्पतिवार को उनकी पत्नी रजनी ने 8 वर्षीय पुत्र बिक्की और ढाई वर्षीय पुत्री को नहलाने के बाद धूप में चारपाई पर बैठा दिया। इसके बाद रजनी नहाने के लिए चली गई। मां के नहाने चले जाने के बाद मासूम विक्की ने कपडे़ सुखाने के लिए बांधे गए तार पर गमछा का झूला डाल लिया और झूलने लगा। झूलने के दौरान अचानक मासूम विक्की का सिर सामने दीवार में जा लगा। वह संतुलन खो बैठा और गमछा उसके गले में कस गया। मासूम बेसुध होकर जमीन पर गिर गया। नहाने के बाद बाहर आई मां विक्की को जमीन पर बेसुध पड़ा देख चीख पड़ी। आनन फानन परिजन बालक को लेकर अस्पताल पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन बच्चे के शव को लेकर गांव लौट गए।
कक्षा तीन का छात्रा था विक्की
आठ साल का विक्की भी कस्बा स्थित एक विद्यालय में कक्षा तीन का छात्र था। दादा पूर्व प्रधान ओमप्रकाश ने बताया कि सभी बच्चों की तरह विक्की भी शरारती था। उसे झूला झूलने का बहुत शौक था। लेकिन उस मासूम को क्या पता था कि उसका यही शौक एक दिन उसकी जान ले लेगा। बृहस्पतिवार की शाम को गमगीन माहौल में बालक के शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान लोगों की आंखे नम नजर आईं।
बेटे की मौत की खबर सुन बेसुध हुई मां
रजनी अपनी ढाई साल की बच्ची छवि की परवरिश कर रही थी। लेकिन इस बीच 8 वर्षीय पुत्र बिक्की की देखभाल में कभी कोई कमी नहीं आने दी। दोनों बच्चों में रजनी की जान बसती थी। पल भर में बेटे को खोने के बाद रजनी बदहवास सी हो चुकी है। जब बेटे की मौत की खबर मिली तो उसके आंसू बहने लगे। शुक्रवार को दूसरे दिन भी मां का दर्द कम नहीं हुआ।