चीनी के बाद अब चावल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। सोना मंसूरी 4,500 से बढ़कर 5,000 रुपये प्रति क्विंटल और बासमती 9,200 से बढ़कर 9,500 प्रति क्विंटल पहुंच गया है।
खराब मौसम और युद्ध जैसे हालात के कारण महंगाई अब आम आदमी की थाली तक पहुंच गई है। चीनी के बाद अब चावल की कीमतों में भारी उछाल आया है। बासमती चावल 300 रुपये और मंसूरी चावल 500 रुपये प्रति क्विंटल तक महंगा हो गया है।
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पिछले छह महीनों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी है, वहीं पिछले एक महीने से मौसम भी खराब चल रहा है, जिसका सीधा असर सप्लाई चेन पर पड़ा है। मोतीगंज व्यापार समिति के अध्यक्ष महावीर प्रसाद ने बताया कि चावल के थोक मूल्यों में वृद्धि हुई है। धान और चावल के उत्पादन पर मौसम का गहरा असर पड़ा है।
उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के कोषाध्यक्ष सुरेश लवानिया ने बताया कि यदि वैश्विक तनाव और मौसमी बाधाएं इसी तरह बनी रहीं तो दैनिक उपभोग की अन्य वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं। महंगाई से राहत मिलने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं।