कासगंज। सरकार द्वारा दलहनी फसलों के समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि का असर बाजार में दिखने आने लगा है। बाजार में बढ़ाए गए समर्थन मूल्य से दालों के भाव में सात गुना तक उछाल आया है। लगातार बढ़ती महंगाई से इस संकट की घड़ी में रसोई का बजट गड़बड़ता जा रहा है।
सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगभग 10 दिन पहले गेहूं सहित दलहनी फसलों के समर्थन मूल्य में वृद्धि की घोषणा की थी। सरकार ने 1.46 रुपये किलो से लेकर अधिकतम 3 रुपये किलो तक दालों की कीमतों में वृद्धि की, लेकिन बाजार में दालों की कीमतों में 10 रुपये किलो तक का उछाल आ गया। आलू, प्याज सहित अन्य सब्जियों की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। एक बार फिर से दालों की कीमतों में आई तेजी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
बाजार में दाल व तेल की कीमतें ( भाव रुपये प्रतिकिलो में)
दाल समर्थन मूल्य में वृद्धि वर्तमान भाव एक पखवाड़े पूर्व के भाव
चना 2.25 70 60
उर्द 3.00 100 90
मसूर 3.00 100 90
अरहर 2.40 90 से 100 80-90
मूंग 1.46 80 से 100 70 से 90
रसोई में जाकर यह तय करना सबसे कठिन काम हो गया है कि आज क्या बनाया जाए। बाजार में पहले से ही दाल-सब्जी की कीमतें बढ़ी हुई थीं। अब कीमतों में और वृद्धि होने से बजट बिगड़ गया है। - तृष्णा माहेश्वरी, गृहणी।
कोराना से लोग पहले से ही परेशान हैं। ऊपर से महंगाई बढ़ती जा रही है। दाल, सब्जी, मसाले सभी कुछ महंगा हो गया है। इससे रसोई का बजट लगातार प्रभावित हो रहा है। -कुमकुम वार्ष्णेय, गृहणी
दालों के भाव लगातार बढ़ रहे हैं। मध्यम वर्गीय परिवार के सामने सबसे बड़ी दिक्कत हो रही है। रसोई का खर्च चलाने के लिए अन्य खचों में कटौती करनी पड़ती है। काफी दिक्कतें हो रही हैं। -अंजली गुप्ता गृहणी
समर्थन मूल्य बढ़ने के बाद से दिशावर में दाल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे बाजार में दाल की कीमतें बढ़ गई हैं। इस समय 10 रुपये किलो तक दाल की कीमतों में तेजी आ गई है। - अनिल माहेश्वरी, कारोबारी