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सस्ती नाइट्रोजन की ‘महंगी’ वसूली 

Mon, 04 Jul 2016 02:01 AM IST
अमर उजाला आगरा
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यमुना एक्सप्रेस वे पर किसी अनहोनी से बचने के लिए कार चालक टायरों में नाइट्रोजन गैस भरवाते हैं। इससे टायर फटने का खतरा नहीं रहता और दूसरा सड़क पर पकड़ भी मजबूत रहती है। लेकिन पेट्रोल पंप संचालकों ने नाइट्रोफिलिंग को वसूली का जरिया बना लिया है। 
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एक्सप्रेस वे के दूसरे छोर यानी दिल्ली और नोएडा में यह गैस ज्यादातर पंपों पर फ्री भरी जा रही है जबकि कुछ जगह प्रति टायर पांच रुपये लिए जा रहे हैं। इसके उलट ताजनगरी में जेब काटी जा रही है। प्रति टायर 10 से 50 रुपये तक वसूल किए जा रहे हैं। इसमें मुनाफा देख कई पेट्रोल पंप संचालकों ने हाल ही में यह सुविधा देना शुरू किया है। अब शहर से लेकर एक्सप्रेसवे के मोड़ तक दो दर्जन नाइट्रोजन इंफ्लेटर हैं, लेकिन गांधी नगर में सत्या ऑटो मोबाइल ने यह सुविधा पंप खुलने की शुरुआत से दे रखी है।
पंप संचालक रंजीत सिंह ने बताया कि टैंक फुल कराने के साथ चारों पहियों में नाइट्रोफिलिंग फ्री में की जाती है। अब इतने वर्षों में ग्राहक फ्रेंडली हो गए हैं। हमारे यहां यह सुविधा सभी को मिल रही है। गुरुद्वारा गुरु के ताल के पास करगिल शहीद पंप के संचालक सुशील यादव के मुताबिक, ग्राहकों की मांग पर उन्होंने नाइट्रोजन उपलब्ध कराई जाती है।
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पेट्रोलियम कंपनियों के नियमों में नाइट्रोजन की सुविधा शामिल नहीं है, लेकिन हम यह लागत मूल्य पर ग्राहकों को दे रहे हैं। 10 रुपये प्रति टायर का सामान्य शुल्क है। एक्सप्रेसवे के लिए नाइट्रोजन ज्यादा जरूरी है। इससे थोड़ी दूरी पर 20 रुपये प्रति टायर लिए जा रहे हैं। एक दो जगह रात में 50 रुपये प्रति टायर तक की वसूली की जा रही है।
आवास विकास सेक्टर सात के राजीव सारस्वत बताते हैं कि वे जब भी दिल्ली जाते हैं, वहीं से चारों टायरों में नाइट्रोफिलिंग कराते हैं। वहां कई जगह फ्री है। कुछ जगह 20 रुपये में चारों टायर भर जाते हैं। आगरा में 80 से लेकर 200 रुपये तक देने पड़ते हैं।

टायर में नाइट्रोजन के फायदे
पेट्रोल पंप पर नाइट्रोजन इंफ्लेटर के जरिए टायरों में भरी जाती है। इसमें भी 78 फीसदी तक नाइट्रोजन होती है, लेकिन इसमें 21 फीसदी आक्सीजन और एक फीसदी अन्य गैसें। नाइट्रोजन से टायर के रबर को कोई नुकसान नहीं होता, जबकि आक्सीजन की मौजूदगी से टायर की इलास्टिसिटी और मजबूती कम होने लगती है। नाइट्रोजन के ठंडे होने से टायर रगड़ खाने पर गर्म नहीं होता, जिससे यह कंक्रीट वाले एक्सप्रेसवे पर फटता नहीं है। यहीं नहीं, नाइट्रोजन से टायर का प्रेशर भी सामान्य रहता है, जबकि सामान्य एयर से प्रेशर 100 किमी दूरी के बाद बढ़ जाता है। आटो एक्सपर्ट के मुताबिक, नाइट्रोजन से टायर की लाइफ बढ़ने के साथ टायर फटने का खतरा कम होता है।

हवा फ्री है, लेकिन मिलती नहीं
शहर में कई पेट्रोल पंपों पर साधारण हवा फ्री के बोर्ड तो लगे हैं लेकिन यह मिलेगी नहीं। आप बाइक या कार के पहियों में हवा डलवाना चाहें तो पेट्रोल पंप का स्टाफ सॉरी बोल देगा। मदिया कटरा रोड पर ही कई पंपों पर हवा भरने की मशीन खराब पड़ी है।
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नाइट्रोजन के लाभ
1.गाड़ी में ईंधन की बचत
2.टायर खराब होने का कम खतरा
3.रोड पर टायर की मजबूत पकड़
4.एक्टेंडेड टायर प्रेशर रिटेंशन
5.टायर गर्म होने का खतरा नहीं
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