आगरा में उद्योगों को गैस की दिक्कत होने पर गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया और नेशनल चैंबर के बीच सोमवार को वार्ता हुई। गेल के मुख्य महाप्रबंधक ए के जिंदल ने कहा कि जो उद्यमी 292 उद्योगों की पहले से तय सूची में हैं और उन्हें गैस नहीं मिल पा रही है तो उन्हें गैस दी जाएगी। सूची में उद्योग होने की पुष्टि जिला उद्योग केंद्र करेगा। इससे इतर उद्योगों को गेल की सहयोगी कंपनी ग्रीन गैस से कनेक्शन लेना होगा। चैंबर ने गेल अधिकारियों को छह सूत्री मांगपत्र भी सौंपा, जिसमें गैस के दाम कम करने की मांग की गई।
सोमवार को चैंबर अध्यक्ष शलभ शर्मा ने गेल के मुख्य महाप्रबंधक से कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आगरा के उद्योगों को गैस उपयोग करना अनिवार्य है। फिरोजाबाद में गैस का उपयोग ज्यादा है, जबकि आगरा में कम। पर, आगरा के उद्यमियों को गैस की ज्यादा कीमतें अदा करनी पड़ रही हैं। उद्यमियों ने आईआरएलसी की वैधता होने तक गैस की आपूर्ति जारी रखने की मांग की। मुख्य महाप्रबंधक ने कहा कि कीमतों का मामला नीतिगत है। आगरा, फिरोजाबाद को अलग करना उनके अधिकार में नहीं है। पारिवारिक सदस्यों के बीच में गैस के बंटवारे के संबंध में जिला उद्योग केंद्र से एवं अन्य से जानकारी प्रमाणित करनी होगी।
ये रहे मौजूद
बैठक में मयंक मित्तल, मनोज गुप्ता, मनोज बंसल, अमर मित्तल, अशोक गोयल, श्रीकिशन गोयल, राजीव अग्रवाल, सुनील सिंघल, एमजी अग्रवाल, राकेश सिंघल, सचिन जैन, योगेश सिंघल आदि मौजूद रहे। गेल की ओर से डीजीएम आशीष केसरवानी, एसएस भटनागर, चीफ मैनेजर मनोज कुमार भी रहे।