आगरा के फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग विकास परिषद के चेयरमैन व प्रमुख उद्योगपति पूरन डावर को ब्लैकमेल कर 5 करोड़ रुपये मांगने के मामले में पुलिस की टीम जांच में जुटी है। इस मामले में केस दर्ज किया गया है। तीन लोगों को हिरासत में लिया था। पुलिस को पूछताछ में कोई महत्वपूर्ण जानकारी हाथ नहीं लग सकी है। रकम मांगने के पीछे आखिरी मास्टरमाइंड काैन है? इसके बारे में पुलिस पता कर रही है।
उद्योगपति पूरन डावर की भरतपुर हाउस स्थित कोठी पर चार दिन पहले पत्र भेजा गया। इसमें आयकर विभाग में रखी फाइल को कमिश्नर के पास जाने से रोकने के लिए पांच करोड़ रुपये देने के लिए कहा था। रविवार को रकम कार्टन में भरकर गुरुद्वारा गुरु का ताल स्थित एक चाय के खोखे पर भेजनी थी। उद्योगपति ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की। इस पर सिकंदरा थाना पुलिस की एक टीम को लगाया गया।टीम ने किताब भरकर कार्टन को चाय के खोखे पर पहुंचाया था। तभी उसे लेने आए दो लोगों को पकड़ा था। चाय विक्रेता को भी हिरासत में लिया था।
पार्सल रखने के लिए चाय विक्रेता को दिया गया था लालच
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि मामले में केस दर्ज कराया गया है। उद्योग पति के बेटे से रकम देने के लिए कहा गया था। पकड़े गए लोग ज्यादा कुछ नहीं बता पा रहे हैं। वे लोग मजदूर हैं। दो लोगों ने पूर्व में उद्योगपति की फैक्टरी में काम किया था। इस वजह से जानते थे। वह किसके कहने पर कार्टन लेने आए थे, यह नहीं बताया है। इसके लिए पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। चाय विक्रेता को पार्सल रखने के लिए रुपयों का लालच दिया गया था। आशंका है कि रकम मांगने के पीछे किसी नजदीकी का हाथ हो सकता है।