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नहीं मिले जूते स्वतंत्रता दिवस पर भी नंगे पैर पहुंचे बच्चे

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नगर में निकली प्रभातफेरी में चप्पल पहनकर भाग लेते परिषदीय स्कूलों के बच्चे। - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस की परेड में गुरुवार को परिषदीय स्कूलों के कई बच्चे नंगे पैर पहुंचे। कई बच्चे बिना ड्रेस और चप्पल पहने हुए थे। इसमें शिक्षा विभाग की लापरवाही है। क्योंकि स्वतंत्रता दिवस तक स्कूलों में बच्चों को जूते-मोजे नहीं बांटे गए। न ही उन्हें ड्रेस दी गई।
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शासन ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय स्कूलों के बच्चों को ड्रेस के साथ ही जूते-मोजे भी निशुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। शासन स्तर से जुलाई में ही जूते उपलब्ध कराने के लिए कार्यदायी संस्था को ठेका दिया था, लेकिन जिले में स्वतंत्रता दिवस तक भी बच्चों को जूते-मोजे और ड्रेस नहीं मिल पाई।
इससे स्वतंत्रता दिवस पर परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे गरीब परिवार के बच्चों को नंगे पैर कार्यक्रमों में भाग लेते हुए देखा गया। नगर में जिला प्रशासन की देख रेख में प्रभात फेरी निकाली गई थी। इस प्रभातफेरी में शामिल परिषदीय स्कूलों के अधिकतर बच्चे या तो चप्पल में थे या फिर नंगे पैर।
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आखिर कौन है जिम्मेदार विभाग या फिर कंपनी
जिले में जूता सप्लाई के लिए हरियाणा की कंपनी को ठेका दिया था। इस कंपनी ने जिले में जूता सप्लाई के लिए जो जूते उपलब्ध कराए वे मानक विहीन थे। जिस पर जिलाधिकारी की ओर से नामित समिति ने जूतों को वापस करने के निर्देश दिए। बाद में कंपनी ने दूसरे जूते उपलब्ध कराए, लेकिन शिक्षा विभाग ने उनका वितरण नहीं कराया। आखिर करोड़ों खर्च होने के बाद भी स्वतंत्रता दिवस पर बच्चे पूर्ण ड्रेस में नजर नहीं आए, इसके लिए जिम्मेदार कौन है?
कार्यदायी संस्था ने मानक के अनुसार जो जूते उपलब्ध कराए थे। वह स्कूलों में वितरित करा दिए गए। संस्था जैसे ही मानक के अनुसार शेष जूते उपलब्ध कराती है वैसे ही बच्चों को जूते उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
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विजय प्रताप सिंह, बीएसए
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