श्रीबांकेबिहारी की नगरी वृंदावन को साफ-सुथरा बनाने के लिए इंदौर मॉडल अपनाया जाएगा। इंदौर में स्वच्छता पर काम करने वाली एजेंसी ने शुक्रवार को वृंदावन में डेरा डाल दिया। फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तहत एजेंसी को पूरे वृंदावन के साथ मथुरा के पांच वार्ड में अपना काम दिखाना होगा।
देश की स्वच्छता रैकिंग में इंदौर पिछले चार साल से सिरमौर बना हुआ है। यहां इस काम में प्रशासनिक मशीनरी के साथ तालमेल बनाकर काम करने वाली एजेंसी बेसिक्स के साथ मथुरा-वृंदावन नगर निगम प्रशासन ने भी अनुबंध किया है। यह एजेंसी वृंदावन के सभी नौ वार्ड और मथुरा के पांच वार्ड में नगर निगम की सफाई की व्यवस्था को अपने मुताबिक संचालित करेगी।
एजेंसी को मिला है 90 दिन का वक्त
फिलहाल 90 दिन का वक्त इस एजेंसी को यहां बेहतर परिणाम लाने के लिए दिया गया है। इसके बाद ही मथुरा क्षेत्र में काम होगा। इसके लिए एजेंसी की टीम ने शुक्रवार को वृंदावन नगर निगम कार्यालय पहुंचकर अपर नगर आयुक्त सतेंद्र कुमार से मुलाकात की। यहां स्वच्छता निरीक्षक से काम को भी समझा।
सफाई एजेंसी की टीम के सदस्य
- फोटो : अमर उजाला
स्वच्छता विशेषज्ञ अमितेश भारद्वाज ने बताया कि मथुरा-वृंदावन धार्मिक नगरी है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है। ऐसे में इस शहर को स्वच्छ बनाना सरकार की पहली प्राथमिकता है। एजेंसी यहां सफाई कर्मचारी और सफाई वाहनों का संचालन अपने अनुसार कराएगी। साथ ही यहां के लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरुक भी करेगी।
क्या करेगी टीम
इंदौर से धार्मिक नगरी आई एजेंसी बेसिक्स की टीम यहां सफाई कर्मचारी और सफाई वाहनों का संचालन तो अपने अनुसार कराएगी। साथ ही यहां के लोगों को स्वच्छता का पाठ भी पढ़ाएगी। गीले कूड़े से खाद बनाना भी ब्रजवासियों को उनके घर पर ही बताएगी, जिससे वे उसका उपयोग अपनी फसलों में कर सकें।
नगर निगम मथुरा-वृंदावन पर सफाई संसाधन
1497 सफाई कर्मचारी, 51 ऑटो टिपर, 21 ट्रैक्टर, तीन डंफर, दो आरपी, दो डीपी, दो रोड स्वीपिंग हैं।