मैनपुरी। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय आह्वान पर किसानों ने शुक्रवार को इटावा रोड पर महूटी ककर्रा पुलिया के पास सांकेतिक रूप से जाम लगाया। कोतवाली पुलिस ने सुबह जिलाध्यक्ष को उनके आवास से हिरासत में लेकर कोतवाली में बिठा लिया। किसान नेताओं ने सीओ करहल को ज्ञापन सौंपा।
भाकियू के राष्ट्रीय आह्वान पर किसानों ने शुक्रवार को इटावा मार्ग पर महूटी ककर्रा पुलिया के पास जाम लगाकर प्रदर्शन किया। कोतवाली पुलिस ने जिलाध्यक्ष तिलक सिंह राजपूत को हिरासत में लिए जाने पर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इटावा रोड व्यस्ततम होने के कारण थोड़ी ही देर में दोनों और वाहनों की लाइनें लग गईं। जानकारी मिलते ही सीओ करहल पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए।
किसानों ने जिलाध्यक्ष को मौके पर बुलाने की मांग की। सीओ के कहने पर कुछ देर बाद कोतवाली पुलिस जिलाध्यक्ष को लेकर मौके पर पहुंची। इसके बाद किसानों ने जाम खोल दिया। जिलाध्यक्ष ने कहा किसानों को नजरबंद करके किसानों की आवाज को नहीं दबाया जा सकता। जिस प्रकार से सरकार तानाशाही दिखा रही है। लोकतंात्रिक देश में किसानों की आवाज को इस तरह से दबाना नामुमकिन है। जितना सरकार किसानों की आवाज दबाने का प्रयास करेगी। उतना ही किसान आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।
जब तक कृषि कानून वापस नहीं होते और एमएसपी पर कानून नहीं बनता तब तक किसान आंदोलन लगातार जारी रहेगा। अगर सरकार इसी तरह मनमानी करके किसानों पर कानून थोपती रही तो वह दिन दूर नहीं जब किसान अपनी खेती बचाने के लिए आजादी आंदोलन की तरह अपने प्राणों की आहुति देगा। बाद में सीओ करहल को ज्ञापन दिया गया। राजा ठाकुर, उदयवीर यादव, अनुजप्रताप यादव, भुवनेश राजपूत, गणेश राजपूत, ओमवीर यादव, प्रतापसिंह यादव, भूपेंद्र शाक्य, छोटे शाक्य, मानिकचंद, राधेश्याम, हरीसिंह, चरणसिंह यादव, गोपालदास लोधी, योगेंद्र प्रताप दुबे, अरविंद, शैलेंद्र मौजूद रहे।