आगरा में शत्रुजीत ब्रिगेड के मैदान में धूल उड़ाता हेलिकाॅप्टर और इससे उतरते कमांडो, बम धमाके और गोलियों की तड़तड़ाहट, जंपर के साथ बंधे रोबोटिक म्यूल के साथ भारतीय सेना ने युद्ध काैशल दिखाया ।
शत्रुजीत ब्रिगेड का मैदान, जहां धूल उड़ाता हेलिकाॅप्टर और इससे उतरते कमांडो, बम धमाके और गोलियों की तड़तड़ाहट, जंपर के साथ बंधे रोबोटिक म्यूल। एक-एक करके भारतीय सेना ने हमले को नाकाम कर दिया। माैका था भारतीय सेना के युद्ध काैशल के भव्य प्रदर्शन का।
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बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सैन्य योगदानकर्ता 32 देशों (यूएनटीसीसी) के प्रमुखों के काॅन्क्लेव में हिस्सा लेने आए सेना के अधिकारियों के सामने मानव-मशीन के एकीकरण के भविष्य को प्रदर्शित किया गया। कॉन्क्लेव में रोबोटिक म्यूल का दुनिया में पहली बार कॉम्बैट फ्री फॉल जंप कराया गया।
मानव-मशीन के बीच के समन्वय और टीम को देखकर कई देशों के सैन्य अधिकारी बाद में इसके बारे में जानकारी लेते नजर आए। यहां गाइडेड प्रिसिजन एरियल डिलीवरी सिस्टम (जीपीएडीएस) का उपयोग करते हुए एक मानवरहित ग्राउंड व्हीकल (यूजीवी) को 25 किमी की दूरी से एकदम सटीक निशाना लगाकर गिराया गया। एक बार जमीन पर आ जाने के बाद यूजीवी को दूर से संचालित किया जा सकता है। इसके बाद सेना ने सीमित हवाई क्षेत्र में 200 से अधिक ड्रोन का एक साथ उपयोग किया। इसमें लड़ाकू हेलिकॉप्टरों ने हवाई गश्त के साथ-साथ विशेष हेलीबोर्न ऑपरेशन भी किया।