2016 में इजरायल के राष्ट्रपति और अब इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ताजमहल का दीदार करने के बाद आगरा में इजरायली सैलानियों की तादाद बढ़ने की उम्मीद है।
विज्ञापन
पर्यटन उद्योग को उम्मीद है कि जिस तरह से ब्रिटेन, अमेरिका और फ्रांस के राष्ट्राध्यक्षों और हस्तियों के ताज दीदार के बाद इन देशों के सैलानी बढ़े।
वैसे ही इजरायली और आगरा के बीच सैलानियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। सांस्कृतिक आदानप्रदान और कारोबार के लिए भारत आने वाले इजरायली पर्यटक भी परिवार के साथ ताज आएंगे।
विज्ञापन
टूरिज्म गिल्ड महासचिव राजीव सक्सेना के मुताबिक इजरायल के पर्यटकों में प्रधानमंत्री नेतन्याहू की यात्रा से भरोसा बढ़ा है, जिसका असर उनकी आइटनरी पर भी पड़ेगा।
जो इजरायली पर्यटक धार्मिक और कारोबार के सिलसिले में भारत आते थे, उनमें से अब अधिकांश ताजमहल के दीदार के लिए आएंगे।
आगरा एप्रूव्ड गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष शमशुद्दीन के मुताबिक इजरायल के पर्यटकों की संख्या में एक साल से तेजी से इजाफा हुआ है।
इजरायली राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन के ताज दौरे के बाद से ही पर्यटक बढ़ रहे हैं। आने वाले सालों में आगरा पर इसका असर नजर आएगा।
आते हैं 60 हजार इस्राइली पर्यटक
बेंजामिन नेतन्याहू, पत्नी सारा के साथ्
- फोटो : अमर उजाला
दो दशक पहले इजरायल के सैलानियों में ताज देखने की ललक थी, लेकिन हाल के सालों में इनकी तादाद कम हो गई। भारत में साल 2014 में 49,312 इजरायली सैलानी आए तो 2015 में इनकी संख्या 50,134 हो गई।
जबकि वर्ष 2016 में 59,231 इस्राइली पर्यटक भारत आए। साल 2017 में इजरायली पर्यटकों का आंकड़ा 60 हजार के पार हो गया।
करीब 18.1 फीसदी की बढ़ोतरी इजरायल के सैलानियों में हुई है। साल 2000 में इजरायल से केवल 15,900 पर्यटक भारत आए थे। अब 18 सालों में इनकी संख्या चार गुना हो गई है।
बेंजामिन नेतन्याहू, उनकी पत्नी सारा
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल में ब्रिटेन की प्रिंसेज डायना की यात्रा के बाद से ब्रिटिश सैलानियों में ताजमहल के प्रति आकर्षण और बढ़ गया। ब्रिटेन की महारानी और राज परिवार के सदस्य समय-समय पर ताज के दीदार के लिए आते रहे हैं।
लेकिन प्रिंसेज डायना ने जब ताज देखा तो यूरोपीय पर्यटकों में सातवें अजूबे को लेकर उत्साह नजर आया। दुनियाभर से ताज के दीदार के लिए आने वाले पर्यटकों में ब्रिटेन दूसरे नंबर पर है। करीब 10.70 फीसदी हिस्सेदारी ब्रिटिश सैलानियों की है।
दो दशक से ताजमहल का दीदार करने वाले सैलानियों में अमेरिकी पहले नंबर पर है। अमेरिका की भागीदारी 14.73 फीसदी है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की बेटी चेल्सिया की ताज यात्रा के बाद अमेरिकी सैलानियों की संख्या में तेजी आई।
दो साल पहले फेसबुक संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने जब ताजमहल का दीदार किया और फेसबुक पर फोटो पोस्ट किए तो सोशल मीडिया इंस्टाग्राम, फेसबुक पर अमेरिकी सैलानियों का ताज के साथ फोटो शूट एकाएक बढ़ गया।