मैनपुरी। गणतंत्र दिवस के अवसर पर मंगलवार की रात नगर पालिका स्थित शहीद पार्क में कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। बुलंदशहर के कवि डॉ. अर्जुन सिसौदिया ने लाख हों सियार किंतु सिंह का विकल्प नहीं, शौर्य स्वाभिमानी इतिहास की जरूरत है, भारत को कल भी सुभाष की जरूरत थी, भारत को आज भी सुभाष की जरूरत है कविता सुनाई।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री ने किया। इसके बाद सरस्वती वंदना के साथ ही कवि सम्मेलन का विधिवत आगाज हुआ। पीलीभीत की कवयित्री एकता भारती ने जो छाया रूह पर मेरी, वही बादल तिरंगा है, मेरी पूजा मेरे तीरथ का गंगाजल तिरंगा है कविता सुनाकर माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। नैनीताल की कवयित्री गौरी मिश्रा ने ‘जहां दुश्कर हैं राहें, वहीं आराम लिखा है,’ शिकोहाबाद से आईं कवयित्री अपराजिता सिंह ने जिनके चरण तले की मिट्टी स्वयं सुगंधित चंदन है, उनके तारण हार राम का दुनियां करती वंदन है कविता पढ़ी।
बनारस की कवयित्री प्रियंका राय ने मैं भारत की आन बान सम्मान की खातिर जीती हूं, कवि शंभू शिखर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वादे पर कटाक्ष करते हुए तुम तोड़ो वादा और हम निभाते रहेंगे, नाराजगी ऐसे भी हम जताते रहेंगे, जब तक नहीं आते हैं 15 लाख खाते में, तब तक तुम्हें हम मोदी जिताते रहेंगे कविता सुनाई।
पड़ोसी जनपद इटावा के कवि गौरव चौहान ने हमारी सांस की स्याही की अंतिम बूंद से यारो, लिखा जो शब्द जाएगा वो हिंदुस्तान ही होगा और घिरोर के कवि सतीश मधुप ने केसरिया पावक सा पावन अग्रि नहीं फुंकने देना, हरा रंग हरियाली वाला चक्र नहीं रुकने देना, मां की चादर श्वेत वर्ण की, इस पर दाग न लग जाए कविता सुनाई। इस दौरान जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह, सीडीओ ईशा प्रिया, एसपी अविनाश पांडेय, एएसपी मधुवन सिंह, बीएसए विजय प्रताप सिंह, एसडीएम ऋषिराज, एआरटीओ प्रणव झा, यात्री कर अधिकारी कौशलेंद्र सिंह, ईओ लालचंद्र भारती, मनोरमा देवी और लक्ष्मण गुप्ता के अलावा बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।