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निर्दलीय प्रत्याशियों का 'माननीय' बनने का सपना फिर अधूरा, इस सीट से अभी तक संसद नहीं पहुंचे

Sun, 26 May 2019 08:33 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला कासगंज
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neta ji
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निर्दलीय प्रत्याशियों के माननीय बनने के सपने को लोकसभा सीट पर हकीकत के पंख नहीं लग सके। चुनाव मैदान में उतरने वाले निर्दलीय प्रत्याशियों को क्षेत्र के मतदाताओं ने नकार दिया। चुनाव मैदान में उतरने वाले पांच निर्दलीय प्रत्याशियों के हिस्से में मात्र 1.10 प्रतिशत वोट आए। 
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राजनीतिक दलों से टिकट न मिलने पर नेताओं के निर्दलीय चुनाव मैदान में ताल ठोंकने की चाहत आजादी के बाद पहले लोकसभा चुनाव से शुरू हो गई। हालांकि यह अलग बात है कि अब तक 17 लोकसभा चुनाव में एटा सीट से कोई भी निर्दलीय प्रत्याशी जीतकर देश की संसद में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा सका।

लोकसभा चुनाव 2019 में एटा सीट से पांच प्रत्याशियों ने निर्दलीय अपनी किस्मत अजमाई। इन प्रत्याशियों मे से कोई भी प्रत्याशी विजेता उपविजेता प्रत्याशी के सामने अपनी चुनौती पेश नहीं कर सका।
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निर्दलीय प्रत्याशियों के हिस्से में लोकसभा क्षेत्र के मतदान का मात्र 1.10 प्रतिशत हिस्सा आया। इन प्रत्याशियों से एक मात्र हरिओम ऐसे प्रत्याशी रहे जिन्होंने 6339 वोट प्राप्त किए। वहीं अन्य चार निर्दलीय प्रत्याशियों को अंगुलियों पर ही गिनने लायक वोट मिल सके। 

लोकसभा चुनाव में मतदाताओं ने छोटे दलों के प्रत्याशियों को भी नकार दिया। चुनाव मैदान में उतरने वाले जन अधिकार पार्टी, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी प्रत्याशी सहित सात प्रत्याशियों के हिस्से में मात्र 1.43 प्रतिशत वोट ही आए।
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