रिफाइंड, वनस्पति और सरसों के तेल के दो कारोबारी समूहों बसंत आयल मिल और बीएनआर ग्रुप के साथ रावतपाड़ा के सुपारी कारोबारी के यहां आयकर की इन्वेस्टिगेशन विंग ने छापा मारा। मंगलवार सुबह विभाग के 200 से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों ने पांच जिलों के 24 परिसरों पर सर्च शुरू की जो देर रात तक जारी रही। छापे में दोनों ही कारोबारी समूहों के रियल इस्टेट में बेनामी संपत्तियों के निवेश का पता चला है।
रियल इस्टेट के साथ तेल कारोबार में चर्चित बीएनआर ग्रुप और बसंत ऑयल के मथुरा, आगरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, दिल्ली, हाथरस स्थित 24 परिसरों पर आयकर विभाग ने मंगलवार सुबह छापा मारा गया। इनमें बीएनआर ग्रुप के सबसे ज्यादा 14 ठिकाने शामिल हैं, जबकि बसंत आयल के दस ठिकाने हैं।
आयकर विभाग की एडिशनल डायरेक्टर इन्वेस्टिगेशन वृंदा देसाई के निर्देशन में डिप्टी डायरेक्टर अरुण भाटिया के नेतृत्व में तेल कारोबारियों पर छापे मारे गए। मथुरा में इंडस्ट्रियल एरिया स्थित बसंत आयल और साइट बी, यूपीएसआईडीसी स्थित बीएनआर की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट पर टीम पहुंची। यहां मिल पर मौजूद खरीद बिक्री के कागजों को जब्त कर जांच शुरू की गई, वहीं राधा वैली स्थित स्वामी और प्रबंधन के आवास पर भी जांच शाखा की टीमें पहुंचीं।
नोटबंदी में खाते खुलवाकर जमा कराए करोड़ों
आयकर छापे में तेल कारोबारी समूहों पर कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनसे नोटबंदी के दौरान करोड़ों रुपये नए बैंक खातों के जरिये ट्रांसफर किए जाने का ब्यौरा दर्ज है। कर्मचारियों के नाम पर सैकड़ों बैंक खाते नोटबंदी के दौरान खुलवाए गए और उनमें बड़ी रकम दर्ज की गई।
यही नहीं, कई कंपनियों के एकाउंट में भी उस दौरान बड़ी रकम जमा करने के दस्तावेज मिले हैं। रियल इस्टेट फर्म में काम करने वाले तेल कारोबारी समूह के पास कई बेनामी संपत्तियों के कागजात मिले हैं।
कंपनी का टैक्स रिटर्न बेहद कम था, जिससे यह आयकर के निशान पर चल रही थी। त्योहारी सीजन में आयकर विभाग ने वित्तीय वर्ष का सबसे पहला छापा, इन्हीं तेल कारोबारी समूहों पर डाला है, जिससे बाजार में हड़कंप मचा रहा।
घर में मिले बेनामी संपत्ति के सुबूत
घर से रियल इस्टेट में निवेश और कई बेनामी संपत्तियों के कागजात मिले हैं। आगरा में लायर्स कालोनी तथा फतेहाबाद रोड स्थित इन दोनों ग्रुपों के प्रबंधन के घर भी रात तक छानबीन जारी रही। बीएनआर ग्रुप का दिल्ली में क्षेत्रीय और ट्रांसपोर्ट नगर आगरा में हेड आफिस है। ग्रुप की रिफाइनिंग यूनिट कच्छ गुजरात में है, जबकि निर्माण इकाइयां मथुरा और आगरा में हैं।
इन दोनों समूहों पर कार्रवाई से संबद्ध आगरा के रावतपाड़ा स्थित सुपारी कारोबारी विकास गोयल और लोकेश गोयल के साथ सीए मधुर गर्ग पर भी आयकर कार्रवाई देर रात तक जारी रही। आयकर सूत्रों के मुताबिक दो दिन तक आयकर छापे की कार्रवाई चल सकती है। कंप्यूटर, लैपटॉप, हार्ड डिस्क के साथ कई फाइलें और कच्चे बिल भी आयकर अधिकारी जांच रहे हैं।