आगरा में बेटे को लड़की के अपहरण के केस से निकालने के नाम पर ठगों ने दरोगा बन उसके पिता को अपने जाल में फंसा लिया। ठगों ने आयकर विभाग के कर्मचारी से 1.20 लाख रुपये कई बार में अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। मामले में सिकंदरा पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी है।
सिकंदरा थाना क्षेत्र के ऋषि पुरम निवासी उमेश कुमार कश्यप आयकर विभाग में कर्मचारी हैं। उन्होंने बताया कि उनके दो बेटे हैं। छोटा बेटा उनके साथ रहता है। बड़ा मुरादनगर में पढ़ाई कर रहा है। रविवार को उनके पास अनजान नंबर से काल आया। कॉल करने वाले खुद को पुलिस में दरोगा विजय कुमार बताया। उसने उनसे कहा कि आपके बेटे को चार दोस्तों के साथ लड़की के अपहरण के मामले में गिरफ्तार किया गया है। बस इतना बोलकर फोन काट दिया।
इसके बाद उन्होंने मुरादनगर बेटे को फोन किया। उसका फोन स्विच ऑफ आ रहा था। इस बात से वह डर गए। उन्होंने उसी नंबर पर काॅल की। कथित दरोगा ने दोस्तों के चक्कर में आकर बेटे के गलत फंसने का हवाला दिया। इसके बाद उसे पुलिस से छुड़ाने के नाम पर कई बार में 1.20 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। कुछ देर बाद बेटे से बात हुईं तो उसने परीक्षा देने के बारे में बताया। इसके बाद उन्हें ठगी की जानकारी हुई। सिकंदरा थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज शर्मा ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच साइबर सेल को दे दी गई है।
दूसरे दिन अन्य कर्मचारियों को किए फोन
उमेश से ठगी करने के बाद ठगों ने सोमवार को उनके कार्यालय के अन्य कर्मचारियों को भी फोन किए। मगर, उनमें से एक कर्मचारी के कोई बेटा नहीं था। वहीं दूसरे कर्मचारी की तो शादी भी नहीं हुई थी। इस वजह से कार्यालय में ठगों के झांसे में कोई कर्मचारी नहीं आया।