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101 करोड़ सरेंडर करने वाले ग्रुप के लॉकरों में बेनामी संपत्ति का अंबार

Wed, 15 Nov 2017 04:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
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अायकर सर्वे - फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी और जीएसटी के कारण आयकर के रडार पर चढ़े बीएनआर ग्रुप के सीज किए गए लॉकरों को आयकर विभाग ने मंगलवार को खोला। दो लॉकरों में विभाग को बड़ी मात्रा में आभूषण मिले हैं, जिन्हें ग्रुप ने घोषित संपत्ति में दर्शाया नहीं था। लॉकरों में कई कागजात और फाइलें भी मिली हैं, जिनकी जांच जारी है।
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सितंबर में आयकर विभाग ने दो ग्रुप बीएनआर और बसंत ऑयल पर छापा मारकर 101 करोड़ रुपये की अघोषित आय पकड़ी थी। तीन दिन तक दोनों ग्रुप के कई शहरों में मौजूद ठिकानों पर कार्रवाई चली थी। यह आयकर विभाग की, अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी गई है। 

दो माह के बाद जांच शाखा अधिकारियों ने बीएनआर ग्रुप के सीज किए गए दोनों लॉकरों को खुलवाया, इसमें सोने, हीरे के आभूषण मिले हैं। एक लॉकर में कई कागजात और फाइलें भी हैं। सूत्रों के मुताबिक बेनामी संपत्ति से जुड़े कई कागजात लॉकर में हैं। यह अघोषित संपत्ति का हिस्सा हैं या नहीं, इसकी जांच की जा रही है।
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राजेश्वर सिंह यादव के लॉकर नहीं खुले

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आयकर विभाग ने शुक्रवार को सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेश्वर सिंह यादव के ठिकानों पर छापा मारा था। तब उसके कई शहरों में मौजूद लॉकर सीज किए गए थे। दो दिन तक यह कार्रवाई चली थी।

मंगलवार को इन लॉकरों को खोला जाना था, लेकिन आगरा के लॉकर तकनीकी कारणों से नहीं खोले जा सके। आयकर विभाग अधिकारियों ने छापे के पहले ही दिन एटा, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा समेत राजेश्वर सिंह के बैंक खातों और लॉकरों को सीज कर दिया था। जांच शाखा के अधिकारियों का मानना है कि लॉकरों में आभूषण और नगदी के साथ कई बेनामी संपत्तियों के कागजात भी मिल सकते हैं।
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