इसी के साथ कमला नगर निवासी गौरव बंसल की दौसा स्थित दाऊजी मिल्क प्रोडक्ट्स, अमन व अभिषेक जैन की सिरसागंज स्थित पोद्दार मिल्क प्रोडक्ट्स फर्म के ठिकानों पर भी कार्रवाई शुरू की। विभागीय सूत्रों ने बताया कि इन सभी कारोबारियों के ठिकानों से करोड़ों रुपये की नकदी व सोने-चांदी के जेवर मिले हैं। साथ ही बेनामी संपत्तियां, विदेशी निवेश तक के साक्ष्य भी मिले हैं।
मिलावटी घी से की काली कमाई
विभागीय सूत्रों ने बताया कि जांच के दौरान अधिकारियों को दाऊजी मिल्क प्रोडक्ट्स और पोद्दार मिल्क प्रोडक्ट्स के परिसरों से ऐसे दस्तावेज हाथ लगे हैं जो मिलावटखाेरी के बड़े रैकेट की ओर इशारा कर रहे हैं। इन दस्तावेज में नकली घी बनाने और खपाने से संबंधित जानकारियां शामिल हैं। अधिकारी फिलहाल जांच पर फोकस कर रहे हैं। चूंकि नकली घी बनाकर बेचा जा रहा था, ऐसे में कर चोरी का आंकड़ा अब अनुमान से ज्यादा हो सकता है। इस जांच के बाद आयकर विभाग के अधिकारी खाद्य उत्पादों की निगरानी से जुड़े विभागों को लिखित में जानकारी मुहैया कराएंगे।
नकली घी खपाने वाले ट्रेडर्स भी निशाने पर
देसी घी बनाने वाली फर्मों के माल को राजस्थान में खपाने वाले ट्रेडर्स को भी जांच टीमों ने अपने निशाने पर लिया है। मार्केट में खपाने वाले बीकानेर के आशीष अग्रवाल ग्रुप और जोधपुर के मलानी ग्रुप के ठिकानों पर भी आयकर विभाग की टीमें सर्च कर रही हैं। अधिकारियों ने कहा कि नकली घी को बड़े नेटवर्क के जरिये खपाकर करोड़ों रुपये की कर चोरी की गई है।
इन शहरों में एक साथ चल रही कार्रवाई
दुग्ध उत्पाद बनाने और बेचने वाली फर्मों के आगरा, अलीगढ़, कानपुर, गौतमबुद्धनगर, भरतपुर, दौसा, दिल्ली, धौलपुर, बीकानेर, जोधपुर, मथुरा, फिरोजाबाद में 35 ठिकानों पर कार्रवाई चल रही है।
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