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Agra: इंडीज्वैल फैशन में आयकर ने पकड़ी 10 करोड़ की टीडीएस चोरी, दो अभिनेत्रियां हैं कंपनी की ब्रांड एंबेसडर

Wed, 30 Nov 2022 09:19 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

कंपनी ने तीन साल में 100 करोड़ रुपये का खर्च दिखाया, लेकिन टीडीएस काटकर जमा नहीं किया। आयकर की टीम ने कंपनी के दफ्तर में जांच की तो उसका खुलासा हुआ। 
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आयकर विभाग ने किया सर्वे (सांकेतिक तस्वीर)
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विस्तार
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आगरा में आयकर विभाग की टीडीएस शाखा ने इंडीज्वैल फैशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में 10 करोड़ रुपये की टीडीएस चोरी पकड़ी है। जयपुर हाउस स्थित घर को ही कंपनी का मुख्यालय बताया गया है और इसी पते पर कंपनी रजिस्टर है। आयकर विभाग की जांच में पाया गया कि महज तीन साल पहले बनी इंडीज्वैल फैशन कंपनी ने 100 करोड़ रुपये सिर्फ खर्च में दिखाए हैं, जबकि टीडीएस काटकर जमा नहीं किया। इस कंपनी की ब्रांड एंबेसडर बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा और श्रुति हसन हैं।

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आयकर विभाग के कमिश्नर टीडीएस राकेश कुमार गुप्ता के निर्देशन में अपर आयुक्त सतीश राजौरे की अगुवाई में उपायुक्त अंकित तिवारी ने 160, जयपुर हाउस स्थित कंपनी इंडीज्वैल फैशन पर सर्वे किया। आयकर विभाग की टीमों ने इंडीज्वैल के आगरा, नोएडा स्थित कार्यालयों और गोदाम में सर्वे किया। इस कंपनी के संचालक ईशेंद्र अग्रवाल और राघवेंद्र अग्रवाल हैं, जिन्होंने तीन साल पहले 30 अप्रैल 2019 को कंपनी बनाई थी। महज तीन साल के अंदर ही कंपनी ने 100 करोड़ रुपये के खर्चे दिखाए, जिस पर आयकर विभाग ने जांच की तो पाया कि इस रकम पर टीडीएस ही नहीं काटा गया।

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जीवा ब्रांड की एंबेसडर बनाई अनुष्का और श्रुति

आगरा निवासी ईशेंद्र अग्रवाल और राघवेंद्र अग्रवाल ने 1.50 करोड़ रुपये से आर्टिफिशियल ज्वैलरी कंपनी को स्थापित किया और महज तीन साल में ही अपने जीवा ब्रांड के लिए बॉलीवुड अभिनेत्रियों अनुष्का शर्मा और श्रुति हसन को ब्रांड एंबेसडर बना लिया। कंपनी ने तीन साल में ब्रांडिंग, प्रमोशन, प्रोफेशनल सर्विसेज, कमीशन पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए, पर इस पर टीडीएस काटकर विभाग में जमा नहीं कराया। 

जो कटौती की गई, वह भी मानक के अनुरूप नहीं मिली। संचालक ऑनलाइन कंपनियों के जरिए ट्रेडिंग कर रहे थे। बंगलुरू में कंपनी की कारोबारी गतिविधियां हैं। मंगलवार दोपहर में खत्म हुए सर्वे में आयकर विभाग को 10 करोड़ रुपये की टीडीएस चोरी मिली है, जबकि कागजातों का अध्ययन जारी है। सर्वे के बाद यह रकम और बढ़ सकती है। 
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