आगरा। अवैध शस्त्र और फर्जी लाइसेंस प्रकरण की विवेचना लखनऊ ट्रांसफर हो गई है। विवेचक ने आरोपियों को नोटिस भी जारी किए हैं। सभी से 20 अगस्त तक जवाब मांगा गया है। शस्त्र भी जमा कराए जा सकते हैं। पीड़ित शिकायतकर्ता को भी बयान के लिए बुलाया जा सकता है।
पीड़ित विशाल भारद्वाज ने गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अवैध शस्त्र और लाइसेंस के फर्जीवाड़े में कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद मामले की जांच एसटीएफ को दी गई। डीजीपी के निर्देश पर 24 मई को थाना नाई की मंडी में केस दर्ज किया गया था। एसटीएफ को ही विवेचना ट्रांसफर कर दी गई थी। ढाई महीने बाद भी विवेचक हुकुम सिंह ने कोई कार्रवाई नहीं की गई। मुकदमे में नामजद मोहम्मद जैद, नेशनल शूटर मोहम्मद अरशद, शोभित चतुर्वेदी, राजेश कुमार बघेल, भूपेंद्र सारस्वत, शिवकुमार सारस्वत और सेवानिवृत्त असलहा बाबू संजय कपूर को नामजद किया गया था। एक आरोपी को छोड़कर बाकी सभी जमानत पर हैं। इसी वजह से विवेचना एसटीएफ लखनऊ को दी गई। अब विवेचक शैलेंद्र सिंह ने आरोपियों को नोटिस जारी किए हैं। शस्त्र भी जब्त किए जा सकते हैं। विशाल भारद्वाज को भी बुलाया जा सकता है। उससे भी शस्त्र लाइसेंस के बारे में जानकारी ली जा सकती है।