किशनी। भोगांव तहसील में तैनात रहे लेखपाल को निलंबित करना प्रशासन के लिए गले की हड्डी बन गया। एसडीएम ने दोषी लेखपाल के स्थान पर बिना जांच किए दूसरे लेखपाल के विरुद्ध कार्रवाई करने की संस्तुति कर दी। इससे वह लेखपाल निलंबित हो गया। मामले का खुलासा होने पर एसडीएम भोगांव ने पत्र भेजकर लेखपाल के विरुद्ध कार्रवाई न करने की रिपोर्ट भेजी है।
भोगांव एसडीएम से राजेंद्र सिंह निवासी टोडरपुर ने शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि ग्रामसभा चिरावर के गांव दुर्जनपुर में क्षेत्रीय लेखपाल ने उनके स्थान पर विपक्षी से सांठ-गांठ कर गलत व्यक्ति के नाम विरासत दर्ज कर दी। एसडीएम भोगांव ने मामले की जांच कराई तो शिकायत सही पाई गई। एसडीएम संध्या शर्मा ने वर्तमान में किशनी तहसील में तैनात लेखपाल असित यादव के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की। मामले में लेखपाल असित यादव का स्पष्टीकरण भी नहीं मांगा गया। और तत्काल निलंबित कर दिया। इस पर लेखपाल असित ने एसडीएम से मिलकर जानकारी दी कि विरासत दर्ज होने के समय उनकी तैनाती मुड़ई ग्रामसभा में थी। मामले में तहसील प्रशासन की गलती उजागर होने पर हड़कंप मच गया।
एसडीएम संध्या शर्मा ने बुधवार को तहसीलदार किशनी को पत्र भेजकर विरासत दर्ज होने के समय लेखपाल शैलेंद्र यादव की तैनाती होने की रिपोर्ट भेजी। दोषी पाए गए लेखपाल शैलेंद्र यादव के स्थान पर असित कुमार का नाम प्रिंटर खराब होने के कारण स्पष्ट पठनीय न होने के कारण लिख जाना बताया। अब उन्होंने कार्रवाई वापस करने को कहा।
भोगांव एसडीएम का लेखपाल असित कुमार के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए पत्र आया था। इस पर उसे निलंबित कर दिया गया था। अगर त्रुटिवश नाम गलत आ गया है तो लेखपाल असित कुमार के विरुद्ध कार्रवाई वापस ली जाएगी। गोपाल शर्मा, एसडीएम किशनी