आगरा पुलिस के हत्थे चढ़े चेक क्लोनिंग गैंग के पास से मिले मोबाइल फोन और लैपटॉप में 25 बैंकों के खातों की डिटेल मिली हैं। ये खाते आगरा, दिल्ली, जयपुर, मध्य प्रदेश और बिहार के हैं। पुलिस का मानना है कि इन खातों में चेक क्लोनिंग या तो की जा चुकी है या फिर इसकी तैयारी थी। इन सभी बैंकों के
अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है। पुलिस अब तक का चेक क्लोनिंग का सबसे बड़ा खुलासा मान रही है।
गिरोह ने संजय प्लेस की फर्म के खाते से 1.75 करोड़ रुपये निकालने के लिए पांच चेक भी लगाए थे। मगर, बैंक अधिकारियों ने मामला पकड़ लिया। गैंग ने कई कंपनी के अलग-अलग बैंकों खातों से 40 करोड़ रुपये के क्लोन चेक तैयार लिए थे। गिरफ्तार अभियुक्तों में प्रशांत (नगला खिन्नी, थाना पटियाली, कासगंज), पवन (बुंदू कटरा, आगरा) और अंकित (धुमरी रोड, थाना पटियाली, कासगंज) हैं।
इनसे 11 मोबाइल, लेपटॉप, प्रिंटर/स्कैनर, 35 चेक तैयार मिले थे। पुलिस ने इनके मोबाइल, लैपटॉप चेक किए तो 25 बैंकों के खाते मिले। पुलिस का मानना है कि गिरोह का नेटवर्क बड़ा है, इसमें और भी कई लोग शामिल हैं। बैंक अधिकारियों से मिलीभगत का भी शक है। इन सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। साइबर सेल बैंक अधिकारियों से संपर्क कर रही है। गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश की जा रही है। आगरा में पहले भी चेक क्लोनिंग गिरोह पकड़े जाते रहे हैं, लेकिन यह अब तक का सबसे बड़ा गिरोह बताया जा रहा है।