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भाई दूजः यमुना में साथ-साथ डुबकी लगाएं भाई-बहन तो मिलेगा ये वरदान

Sat, 21 Oct 2017 09:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला मथुरा
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यमुना नदी - फोटो : अमर उजाला
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मान्यता है कि यम द्वितीया यम की फांस से मुक्ति का पर्व है। इस दिन भाई-बहन द्वारा एक-दूसरे का हाथ पकड़कर एक साथ यमुना में स्नान करते हैं। इससे उन्हें यम की फांस (जन्म-मरण) से मुक्ति मिलती है। 
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धार्मिक मान्यता के अनुसार यमुना को भगवान श्रीकृष्ण की पटरानी और यमराज की बहन कहा जाता है। श्रीकृष्ण के जन्म के समय सूर्य पुत्री यमुना और पुत्र यमराज भगवान कृष्‍ण के दर्शन को आए। दोनों भाई-बहन यमुना किनारे विश्राम घाट पर यमद्वितीया के दिन एक दूसरे से मिले।

यहां भाई बहन मिलकर बहुत प्रसन्न हुए तो यमुना ने भाई यमराज का तिलक व मिठाई खिलाकर स्वागत किया। इस पर यमराज प्रसन्न हुए और बहन से कुछ मांगने को कहा। 

तीर्थ पुरोहित महासभा के उपाध्यक्ष नवीन नागर व द्वारिकाधीश मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी बताते हैं कि इस पर यमुना ने कहा कि अगर दे सको तो यमुना में स्नान करने वाले भक्तों को यम की फांस व पापों से मुक्ति दे दो। 
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यमराज ने लगाई ये शर्त

पहले तो यमराज ने अपनी बहन के वरदान पर असमर्थता जताई लेकिन वर्ष में एक दिन भाई दूज के दिन स्नान करने पर यम फांस व पाप से मुक्ति का वचन दिया। 

तभी से यमद्वितीया पर्व पर विश्राम घाट पर यमुना स्नान का विशेष धार्मिक महत्व है। यहां बने यमराज मंदिर में भक्तजन स्नान उपरांत पूजा-अर्चना करते हैं। इसका उल्लेख बराह पुराण, गर्ग संहिता व नारद पुराण में मिलता है।
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