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खबर का असर: क्षतिग्रस्त घरों की हकीकत जानने के लिए दौड़े अधिकारी, डीएम ने दिया लोगों को ये आश्वासन

Fri, 08 Nov 2024 12:08 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा मेट्रो की भूमिगत खुदाई से लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। ये खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों ने संज्ञान लिया। वे मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। 
 
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क्षतिग्रस्त घर का मुआयना करते डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भूमिगत मेट्रो के लिए सुरंग की हो रही खुदाई से क्षतिग्रस्त घरों की हकीकत जानने के लिए बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी मोती कटरा पहुंचे। उन्होंने गिरासू घरों की पुख्ता मरम्मत, रंगाई-पुताई से लेकर कंक्रीट से बुनियाद भरने के निर्देश दिए। साथ ही मेट्रो अधिकारियों से कहा कि जब तक भवन स्वामी संतुष्ट न हों, क्षतिग्रस्त घर उन्हें सुपुर्द न किए जाएं। भवन स्वामियों का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए।
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मेट्रो के पहले कॉरिडोर के दूसरे चरण में आगरा कॉलेज से एसएन मेडिकल कॉलेज होते हुए मोती कटरा के रास्ते मनकामेश्वर तक दोहरी सुरंग खोदी जा रही है। इसमें करीब 20-20 फीट व्यास की हाइड्रोलिक मशीनें लगी हैं। मोती कटरा क्षेत्र में खुदाई से 146 घर क्षतिग्रस्त हो गए।
बृहस्पतिवार के अंक में अमर उजाला ने ‘धंस गई धरती, फट गई छत... जैक पर टिके 146 घर’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की। जिसका स्वत: संज्ञान लेकर डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी मेट्रो अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्र का मुआयना करने पहुंचे। डाकखाने वाली गली, तारकी गली, जत्थी कटरा आदि क्षेत्र में क्षतिग्रस्त भवनों के स्वामियों से वार्ता की।
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भवन स्वामियों ने बताया कि छत, फर्श व दीवारों से लेकर चौखटों तक में दरारें आ गई हैं। उनके घर जैसे थे, वैसे ही बनाए जाएं। डीएम ने भवन स्वामियों को आश्वासन दिया कि किसी का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। जैसा वो चाहते हैं, उसी तरह से मरम्मत व अन्य कार्य कराए जाएंगे। डीएम ने आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को हुई क्षति का आकलन कराया जाए। निरीक्षण के दौरान ठेकेदार फर्म एफकॉन के प्रोजेक्ट मैनेजर संतोष मिश्रा, सुधीर कुमार आदि मौजूद रहे।

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आईआईटी रुड़की टीम करेगी स्वतंत्र सर्वे
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि कार्यदायी संस्था एफकॉन ने प्रभावित क्षेत्र का सर्वे कराया है। स्वतंत्र जांच एजेंसी के रूप में आईआईटी रुड़की की टीम से क्षति का आकलन और स्थायी समाधान के लिए सर्वे कराया जाएगा। एफकॉन के सर्वे में 146 घर गिरासू मिले थे। सुरंग की 20 मीटर परिधि में 700 और 50 मीटर परिधि में 1700 से अधिक घर प्रभावित थे।

 
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