कासगंज। रेबीज संक्रमण रोकने के लिए अब गंभीर मरीजों को इम्योनोग्लोबुलिन की वैक्सीन लगाई जाएगी। यह वैक्सीन संवेदनशील जगह पर काटने पर लगेगी। जिला अस्पताल में इस डोज की व्यवस्थाएं कर ली गई हैं।जिले में कुत्ते, बंदर आदि जानवरों के काटने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कई बार तो ये लोगों के गले, पेट जैसे स्थान पर काट लेते है, जिनसे शरीर में तेजी से रेबीज फैलने का खतरा रहता है। साथ ही पीड़ित की मौत होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे मरीजों को अब तक लग रही एआरबी के साथ नई आरआईजी (इम्योनोग्लोबुलिन) भी लगाई जाएगी। काटने वाले घाव में या उसके आसपास इसका इंजेक्शन लगाया जाता है। इस वैक्सीन के लगने से शरीर में एंटीबॉडी तेजी से बनेगी और रेबीज फैलने का खतरा समाप्त हो जाएगा। शासन से रेबीज संक्रमण से होने वाली मौत को रोकने के लिए इस नई वैक्सीन की व्यवस्था जिला अस्पताल में की गई है। अभी पांच वैक्सीन की 150 बाइल भेजी गई हैं। सीएमएस डॉ. संजीव सक्सेना का कहना है कि रेबीज संक्रमण को रोकने के लिए ऐसे मरीज जिन्हें पागल कुत्ते ने काट लिया हो या फिर शरीर के संवेदनशील हिस्से में काट लिया हो उनको वैक्सीन दी जाएगी। इसके साथ एआरबी का कोर्स पूरा चलेगा। अस्पताल में वैक्सीन की डोज उपलब्ध हो गई हैं।