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फुटपाथ पर कब्जा: एमजी रोड के किनारे बना दिए पार्किंग और टाॅयलेट, सड़क पर राहगीरों के चलने से हो रहे हादसे

Sun, 21 Jun 2026 12:13 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

आगरा में एमजी रोड पर अवैध निर्माण हो गए हैं। कहीं टाॅयलेट तो कहीं पार्किंग बना दी गई है। ऐसे में लोगों को सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इससे हादसे का डर बना रहता है। 
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एमजी रोड के फुटपाथ पर बना टाॅयलेट और पार्किंग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने फुटपाथ पर पैदल चलने को मौलिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार बताया और इसके लिए नगर निकाय एवं विकास प्राधिकरणों को जिम्मेदार बताया। आगरा के एमजी रोड के फुटपाथ पर नगर निगम ने ही अतिक्रमण कर अवैध निर्माण करा दिए हैं। यहां फुटपाथ पर ही टॉयलेट, बस शेल्टर, ट्रांसफार्मर और दो-पहिया, चार पहिया वाहनों की पार्किंग है।
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प्रतापपुरा से भगवान टॉकीज के बीच फुटपाथ बचा ही नहीं, ऐसे में यहां लोग सड़क पर ही पैदल चलकर जान जोखिम में डाल रहे हैं। मेट्रो के निर्माण के कारण सड़क पहले ही संकरी है। भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा चौराहे के बीच एमजी रोड लोक निर्माण विभाग के अधिकार क्षेत्र में है। 100 से 110 फीट चौड़ी सड़क का निर्माण इमरजेंसी के समय कांग्रेस नेता संजय गांधी के आगरा आगमन के बाद हुआ था।

उससे पहले यह ठंडी सड़क के नाम से एक लेन की थी। चौड़ीकरण के बाद इसे कम से कम 100 फीट चौड़ा बनाया गया। इसमें दोनों ओर फुटपाथ, नालियों के साथ सर्विस लेन भी थी, जो रिक्शों और साइकिल जैसे धीमे चलने वाले वाहनों के लिए आरक्षित थी। बाद में सर्विस लेन को फुटपाथ में बदल दिया गया और यहां बस शेल्टर, टॉयलेट, पार्किंग खोल दी गई। इस हिस्से में 10 टॉयलेट, 20 बस स्टॉपेज शेल्टर और 15 से ज्यादा ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। हाल में ही मेट्रो के कारण बचे हुए फुटपाथ को छोटा कर दिया गया ताकि सड़क चलने लायक बन सके।
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पहले अतिक्रमण मुक्त कराएं फुटपाथ
सड़क सुरक्षा से जुड़े और शेयर सोसाइटी के डॉ. संजय चतुर्वेदी के मुताबिक नगर निगम फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराए। पैदल चलने वालों के लिए कोई जगह नहीं बची। हादसों की संख्या देखते हुए तत्काल अभियान चलाया जाए। मेट्रो बनाने का उद्देश्य ही यही है कि लोग अपने घरों से पैदल स्टेशन आएं और प्रदूषण मुक्त मेट्रो का इस्तेमाल करें। पर्यावरणविद और चिकित्सक डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ ने बताया कि सड़कों पर वाहनों का अधिक दबाव है। ऐसे में पैदल चलने वालों पर खतरा ज्यादा है। फुटपाथ अब और भी अहम हो गए हैं। बच्चों के भविष्य के लिए सुंदर, आकर्षक, सुरक्षित फुटपाथ तैयार करने होंगे।

सुप्रीम आदेश का कराएंगे पालन
फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाते हैं। इसमें अवैध निर्माण भी हटाते हैं। सुप्रीम कोर्ट का आदेश मिलेगा तो अक्षरश: पालन कराया जाएगा। निगम की मॉडल रोड और सीएम ग्रिड की सड़कों में फुटपाथ शामिल हैं। - शिशिर कुमार, अपर नगर आयुक्त

फुटपाथ पर यह सुनाया गया फैसला
न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति एएस चंदूरकर की पीठ ने कहा कि फुटपाथ पर पैदल चलने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 19(1)(डी) के तहत मिले आवागमन के अधिकार का हिस्सा है। अदालत ने कहा कि यह अधिकार अनुच्छेद 21 यानी जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार से भी जुड़ा हुआ है। सुरक्षित और स्पष्ट रूप से चिह्नित फुटपाथ उपलब्ध कराना सरकार और स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी है।
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