कासगंज। जिले में पांच साल बाद मई का महीना बिना बारिश के सूखा चला गया। कई बार बादल छाने के बाद भी बारिश नहीं हुई। बारिश नहीं होने से मक्का, मूंगफली सहित अन्य फसलें प्रभावित हो रही हैं। 20 हजार हेक्टेयर फसल पर इसका असर है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं मौसम में गर्मी की अधिकता से लोग भी खासे परेशान हैं।सामान्यत: जनपद में मानसून शुरुआत 15 जून के बाद होती है। यह सीजन सितंबर माह तक चलता है। इस सीजन के अलावा भी बारिश होती रहती है। मई माह के दौरान भी जिले में बारिश होती रही है लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। गेहूं की कटाई के बाद किसान मक्का व मूंगफली की फसल करता है। वहीं इस सीजन में अरबी, भिंडी, लौकी, तोरई, टिंडे सहित अन्य सब्जी की फसलें भी उगाई जाती है। वर्ष 2019 के बाद इस साल मई का महीना बिना बारिश हुए सूखा चला गया। इस सीजन में होने वाली मक्का, मूंगफली एवं अरबी की फसल को अधिक पानी की आवश्यकता होती है। बारिश नहीं होने और आग उगलते मौसम ने इन फसलों पर विपरीत असर डाला है। खेतों में फसलें सूख रही हैं। इससे किसान चिंतित हैं। कारी