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गन्ना मूल्य बढ़ोत्तरी को किसी ने सराहा तो किसी ने बताया छलावा

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कासगंज। प्रदेश सरकार द्वारा गन्ना के मूल्य में की गई 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी को कुछ किसानों ने सराहा है तो कुछ ने छलावा बताया है। किसानों का कहना है कि मूल्य बढ़ोत्तरी का सही लाभ तभी मिलेगा जब समय से चीनी मिल गन्ना बकाया का भुगतान करे। इधर किसान नेताओं का कहना है कि बीज से लेकर उर्वरक तक महंगाई की मार है। ऐसे में यह मूल्य बढ़ोत्तरी ना काफी है।
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प्रदेश सरकार किसानों के साथ छलावा कर रही है। तीन साल में 25 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य की वृद्धि की है। यह सिर्फ किसानों के साथ धोखा है और चुनावी स्टंट है। श्यामवीर सिंह, प्रमुख महासचिव, भाकियू, स्वराज।
सरकार ने गन्ना किसानों के हित में निर्णय लिया है यह सराहनीय है, लेकिन सरकार अन्य किसानों के हित में भी कुछ और बेहतर निर्णय ले। सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के वायदे पर खरी उतरे। सत्यप्रकाश सिंह, किसान
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महंगाई के इस दौर में खेतीबाड़ी आसान नहीं है। लागत बढ़ रही है और आय कम हो रही है। 25 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य बढ़ाकर सरकार ने कोई खास तोहफा नहीं है। सुरेश पाल सिंह, किसान
काफी लंबे समय के बाद गन्ना मूल्य में वृद्धि हुई है। यह सरकार का सराहनीय कदम है। गन्ना मूल्य के भुगतान में जो देरी होती उस समस्या का समाधान भी प्राथमिकता से किया जाए। हरिओम मिश्रा, किसान
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