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कोरोना में ड्यूटी से नहीं तो आखिर किस वजह से टूटी इतने शिक्षकों की सांसे...

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फिरोजाबाद। कोरोना की दूसरी लहर लोगों पर कहर बनकर टूटा है। किसी ने अपने पिता को खोया तो किसी न अपनी पत्नी या पति को खो दिया। मृतक शिक्षकों के परिजन सरकार को कोस रहे हैं कि कोरोना काल में अगर सरकार चुनाव न कराती तो हमारे परिजन हमसे न बिछड़ते। वहीं मृत्यु होने के बाद शिक्षकों को सरकार ने महज आंकड़ा बनाकर ही छोड़ दिया।
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कोरोना काल में चुनाव ड्यूटी के दौरान बहुत से कर्मचारी और शिक्षकों की मौत हो गई लकिन सरकार कुछ की तो कोरोना से मौत होना स्वीकार कर रही है जबकि कुछ की नहीं। अब प्रशासन ने परिवारीजनों की देखभाल को मिलने वाले मुआवजे में कई तरह के अड़ंगा लगाना शुरू कर दिए। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष यतेंद्र यादव का कहना है कि चुनाव ड्यूटी के बाद 12 शिक्षकों की मौत हुई है। मगर शासन पर दो ही शिक्षकों के नाम भेजे गए हैं।
सात जन्मों का वादा सिर्फ पांच माह में ही टूट गया
प्राइमरी विद्यालय शेखूपुर में तैनात शिक्षिका रुचि की शादी 28 नवबर 2021 को मेरठ में हुई थी। सात जन्मों का वादा सिर्फ पांच महीने में टूट गया। शिक्षिका के पति अजय ने बताया कि शिक्षिका की तबियत चुनाव प्रशिक्षण के दौरान अचानक बिगड़ गई थी। हाईकोर्ट के आदेशानुसार पति, पत्नी चुनाव ड्यूूटी में होने पर रुचि की ड्यूटी कटवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था लेकिन किसी ने नहीं सुनीं। शिक्षिका को सांस लेने में दिक्कत हुई तो परिवारीजन अस्पताल ले गए। अस्पताल में पलंग न मिलने के कारण 27 अप्रैल को रुचि ने दम तोड़ दिया। चार दिन बाद ही रुचि के चाचा ससुर की मृत्यु हो गई।
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कई चुनाव ड्यूटी कर आए पापा, आखिर इस बार क्यूं हुआ हादसा
उच्च प्राथमिक विद्यालय ढोलपुरा में तैनात प्रधानाचार्य दौलतपाल सिंह की चुनाव ड्यूटी के बाद तबियत बिगड़ी और मृत्यु हो गई। शिक्षक के पुत्र शार्दुल ने पापा ही घर के जिम्मेदार थे। पापा कई बार चुनाव ड्यूटी करके आए थे। आखिर इस बार ही हादसा क्यूं हुआ। हमने पापा के बाद ताऊ को भी एक महीने में खो दिया। सरकार कह रही है कि मौत चुनाव ड्यूटी करने की वजह से नहीं हुई। अब पापा को तो वापस बुलाया नहीं जा सकता। सरकार से मांग है कि मुआवजे की श्रेणी में रखा जाए। मृतक आश्रित कोटे में नौकरी देकर परिवार की मदद करे।
शिक्षक संगठनों ने इन शिक्षकों की मौत की सूची की जारी
शिक्षक संगठन दावा कर रहे हैं कि अनिल कुमार, प्रवेंद्र शर्मा, चंद्रदेव सिंह, अनिल कुमार, ब्रजेश कुमार, रुचि, अखिलेश, दौलपाल सिंह, रचना, विद्याराम भास्कर, मलिखान सिंह की चुनाव ड्यूटी में संक्रमित होकर मौत हुई है।
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