आगरा। द इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकंडरी एग्जामिनेशन (आईसीएसई) की दसवीं कक्षा की बुधवार को भूगोल विषय की परीक्षा आयोजित की गई। मैप आधारित कॉन्सेप्ट और टोपोशीट से जुड़े प्रश्नों ने विद्यार्थियों को काफी उलझाया। वहीं कई छात्रों ने प्रश्नपत्र को मध्यम स्तर का बताया।
परीक्षा में मैप पर वन वर्ड प्रश्न, मार्किंग और लेबलिंग से जुड़े सवाल पूछे गए, जिनमें सटीक जानकारी और अभ्यास की जरूरत रही। टोपोशीट के प्रश्नों में भी डिटेल समझ की आवश्यकता थी, कई छात्र उलझन में नजर आए। इसके अलावा लेटराइट मिट्टी की विशेषताएं, सिंचाई से जुड़े प्रश्न, सर्वाधिक कैलोरी मान वाले कोयले की पहचान जैसे प्रश्न भी शामिल रहे।
विश्लेषणात्मक प्रश्न भी पूछे गए, जैसे- नैनीताल और ऊटी के शीतकालीन तापमान में अंतर क्यों होता है। भारतीय अर्थव्यवस्था में वनों का महत्व क्या है। इन प्रश्नों ने छात्रों की समझ और लिखने की क्षमता को परखा। छात्र वंश ने बताया कि पेपर कुल मिलाकर ठीक था, लेकिन मैप आधारित प्रश्नों ने थोड़ा परेशान किया। वहीं अथर्व ने कहा कि टोपोशीट के सवाल अपेक्षा से कठिन थे। शिक्षक रंजीत ने बताया कि परीक्षा ने विद्यार्थियों के कॉन्सेप्ट और प्रैक्टिकल समझ दोनों को परखा।