एटा। जिले के सांसद आदर्श गांव सूरतपुर माफी में बहुउद्देश्यीय पंचायत भवन बनाने के नाम पर ‘खेल’ कर दिया। जिम्मेदारों ने नक्शे को दरकिनार करते हुए मनमाने तरीके से पंचायत भवन खड़ा कर दिया। साथ ही शासन से मिली धनराशि का बंदरबांट हो गया। शिकायत पर शासन के निर्देश पर मंडलायुक्त और उपनिदेशक पंचायत ने जांच शुरू करा दी है।
जिले में हाल ही में शासन ने गांव सूरतपुर माफी में बहुउदे्दश्यीय पंचायत भवन बनाने के निर्देश दिए थे। पंचायत भवन में जनसुविधा केंद्र का भी संचालन करने के साथ तमाम आधुनिक व्यवस्थाएं की जानी थीं। इसके लिए शासन ने नक्शा भी जिम्मेदारों को मुहैया कराया, लेकिन जिम्मेदारों ने मनमाने तरीके से पंचायत भवन खड़ा कर दिया। कोरम पूरा करने के लिए तीन कमरे बनाकर पंचायत भवन निर्माण के लिए दी गई राशि खर्च कर दी गई। हालांकि नक्शे के मुताबिक छह कमरों का निर्माण किया जाना था। मामले की शिकायत शासन से की गई, तो शासन ने जांच के लिए मंडलायुक्त को निर्देश दिए। मंडलायुक्त अजयदीप सिंह के निर्देश पर उपनिदेशक पंचायत एसके सिंह ने जांच शुरू कराई है। जांच टीम में सहायक अभियंता आरईएस, सहायक अभियंता जिला पंचायत और प्राविधिक तकनीकी संप्रीक्षा प्रकोष्ठ (टीएसी) को शामिल किया गया है। साथ ही पंचायत के सचिव और प्रधान को भी जांच में सहयोग करने और अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
अंत्येष्टि स्थल और नेपकिन उद्योग भी दायरे में
मंडलायुक्त ने निर्माण में खामी मिलने की शिकायत पर चिलासनी में बनाए गए अंत्येष्टि स्थल और शीतलपुर में विभाग द्वारा स्थापित सेनेटरी नेपकिन यूनिट की भी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। तीन अधिकारियों की टीम यहां भी जांच कर रिपोर्ट मंडलायुक्त को सौंपेगी।
मंडलायुक्त के निर्देश पर जांच कराई जा रही है। पंचायत भवन में कुछ कमियों की शिकायत मिली है। अधिकारियों की टीम जल्द जांच करने पहुंचेगी।
सुखलाल भारती, डीएम एटा