आठ दिसंबर को वायुसेना का हेलिकॉप्टर तमिलनाडु के कुन्नूर क्षेत्र में क्रैश हो गया था। जिसमें जनरल बिपिन रावत, पत्नी सहित 14 जवानों के साथ वेलिंग्टन स्थित डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज जा रहे थे। रास्ते में ये हादसा हुआ। वेलिंग्टन के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज से प्रशिक्षित एसके वर्मा ने कहा जनरल रावत ने जो रैंक व ओहदा पाया वह सबसे ऊंचा था। वह भारतीय सेनाओं के पहले चीफ डिफेंस ऑफ स्टाफ (सीडीएस) थे। उन्होंने तीनों सेनाओं के लिए काफी सुधार किए। तीनों सेनाओं को एक साथ सम्मलित करने की मंशा के पीछे उन्हीं का योगदान था। वह बहुत मजबूत नेता था। अब उनका जो काम है उसे हम आगे लेकर जाएंगे। जीवन चलता रहेगा। हम और मजबूत होकर उभरेंगे।
जांबाज पायलट हैं एसके वर्मा
एसके माथुर की जगह जनवरी 2021 में एसके वर्मा ने खेरिया एयरफोर्स में कमांडिंग अफसर का चार्ज संभाला है। 1987 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से पास आउट श्रीवर्मा ने 1988 में फ्लाइंग ब्रांच से वायु सेना में शामिल हुए। 142 से अधिक फ्लाइंग कोर्स कर चुके पायलट एसके वर्मा 1993 में फ्लाइट लेफ्टिनेंट, फिर 2004 में विंग कमांडर और 2010 में ग्रुप कैप्टन बने। ट्रांसपोर्ट एयरक्रॉफ्ट के अनुभवी पायलट वर्मा दोल्ताबाग ऑल्डी में एयरक्रॉप्ट से अपना कमाल दिखा चुके हैं।
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