शहीद विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान
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सैनिक स्कूल में करते थे फौज में जाने की बातें
आगरा निवासी आशीष वर्मा ने बताया कि जब भी पृथ्वी सिंह छुट्टी पर आते थे, मुलाकात जरूर होती थी। हम पांचों की बॉडिंग बहुत अच्छी थी। एक-दूसरे को समझते थे। उन्हें जानवरों से बहुत लगाव था।
भोपाल से आए दोस्त हेमंत कुमार ने बताया कि दोस्त के बारे में बुधवार को ही हमें पता चल गया था। लगातार हम परिवार के संपर्क में थे। दोस्त भी एक-दूसरे से लगातार पृथ्वी को लेकर बातचीत कर रहे थे। सैनिक स्कूल के दिनों में ही वह फौज में जाने की बातें करते थे।
वॉट्सएप ग्रुप पर करते थे बातें
रीवा के सैनिक स्कूल के इन पूर्व विद्यार्थियों का एक वॉट्सएप ग्रुप भी है। इस ग्रुप पर अकसर ही वे आपस में चर्चा करते थे। पृथ्वी के दोस्तों ने बताया कि उन्हें हेलिकॉप्टर हादसे की जानकारी मिली थी। वे दुआ कर रहे थे कि पृथ्वी सही-सलामत रहे। उन्होंने विंग कमांडर पृथ्वी सिंह से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया था, लेकिन बात नहीं हो पाई। देर शाम जानकारी मिली थी कि वे इस हादसे में शहीद हो गए हैं।
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